तकनीक से तेज और पारदर्शी हुई न्याय व्यवस्था, दुर्ग न्यायालय में न्याय श्रुति नियमों पर संगोष्ठी संपन्न...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
दुर्ग। न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने की दिशा में दुर्ग जिला न्यायालय ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। न्यायालय परिसर में हाल ही में “ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से न्यायिक कार्यवाही एवं न्याय श्रुति नियम, 2025” विषय पर एक विशेष विधिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान तकनीक के जरिए साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया और डिजिटल साक्ष्यों के विधिसम्मत उपयोग पर मंथन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में विधिवत चर्चा के दौरान बताया गया कि आधुनिक तकनीक न्याय को तेज और सुलभ बनाने में बेहद मददगार है, बशर्ते इसकी विश्वसनीयता और निष्पक्षता पूरी तरह सुरक्षित रहे। संगोष्ठी में नियमों के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए तकनीक के सही उपयोग की अनिवार्यता पर जोर दिया गया।
ई-साक्ष्य प्रदर्शनी और रंगोली से सजा आयोजन -
मुख्य आयोजन के साथ ही डिजिटल साक्ष्यों और ई-साक्ष्य प्रक्रिया को समझाने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके माध्यम से उपस्थित लोगों को अदालती कार्यवाही में डिजिटल सबूतों के महत्व और उनकी प्रासंगिकता को बहुत ही आसान तरीके से समझाया गया। इसके अलावा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बनाई गई आकर्षक रंगोली ने कार्यक्रम की खूबसूरती और रचनात्मकता को और बढ़ा दिया।
इस संगोष्ठी में विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी, अभियोजन पक्ष के प्रतिनिधि, दुर्ग बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और जेल प्रशासन के अधिकारी विशेष रूप से शामिल हुए। सभी ने एक सुर में माना कि तकनीकी बदलावों के दौर में वकीलों, जजों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल होना जरूरी है, ताकि आम जनता तक समय पर न्याय पहुंच सके।






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