बाजार बंद और प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, कारोबारियों ने उठाई जंतर-मंतर हटाने की मांग...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
राजधानी दिल्ली में लगातार होने वाले विरोध प्रदर्शनों और धरनों के खिलाफ अब व्यापारिक जगत ने कड़ा रुख अपना लिया है। जंतर-मंतर को प्रदर्शनों के लिए अधिकृत जगह की सूची से बाहर करने के लिए कनॉट प्लेस, पालिका बाजार, जनपथ और खान मार्केट के व्यावसायिक निकायों ने उपराज्यपाल को संयुक्त रूप से पत्र लिखा है। इसके साथ ही, व्यापारिक संघों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिससे कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
कारोबारियों का तर्क है कि धरना-प्रदर्शनों के दौरान रास्तों पर बेरिकेडिंग लगाने और ट्रैफिक डायवर्ट किए जाने से ग्राहकों का बाजारों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। दुकानदारों का कहना है कि बीते दिनों कनॉट प्लेस के व्यापारियों को शाम के वक्त ही प्रतिष्ठान बंद रखने की हिदायत दी गई थी, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा। व्यापारिक संगठनों ने साफ किया है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने के हक के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन प्रदर्शन के तरीकों से आम जनता की आवाजाही, सुरक्षा और व्यवसाय को भारी नुकसान नहीं होना चाहिए।
एलजी को भेजी गई चिट्ठी में सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। इसमें अंदेशा जताया गया है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में आपात स्थिति, आग लगने या भगदड़ की सूरत में दमकल और एंबुलेंस जैसी जरूरी गाड़ियों का पहुंचना असंभव हो जाएगा। कारोबारियों ने मांग की है कि जंतर-मंतर के बजाय रामलीला मैदान या बुराड़ी जैसे खुले परिसरों को धरना स्थल के रूप में तय किया जाए। इस सिलसिले में दिल्ली पुलिस कमिश्नर, मुख्य सचिव और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी अवगत कराया गया है।
दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट में इस पूरे घटनाक्रम पर सुनवाई चल रही है। किराना कमेटी और अन्य व्यावसायिक संघों ने प्रदर्शनों के खिलाफ अदालत में पक्ष रखा है। सुनवाई के दौरान वकीलों ने एनडीएमसी द्वारा सेंट्रल पार्क बंद किए जाने का मामला उठाया, जिससे छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों का काम-धंधा ठप होने की आशंका है। सर्वोच्च अदालत ने टिप्पणी की है कि यदि किसी प्रशासनिक आदेश के चलते व्यापार को वित्तीय नुकसान पहुंचता है, तो अदालत इस पर गौर करेगी और मुआवजे के निर्देश पर भी विचार किया जा सकता है। अदालत ने सभी पक्षों से संयम बरतने की उम्मीद जताई है।






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