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सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG प्रदर्शन मामलों में राज्यों को नोटिस जारी किया.....

Jul 28
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ -

नई दिल्ली : नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए प्रदर्शन और उसके बाद पुलिस कार्रवाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम सुनवाई की। अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कई राज्यों की सरकारों से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और केरल सरकार को नोटिस जारी कर पूरे मामले पर अपना पक्ष रखने को कहा है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और पुलिस कार्रवाई से जुड़े तथ्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि घटनास्थल के सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए, ताकि आगे की सुनवाई के दौरान जरूरत पड़ने पर उनकी जांच की जा सके।


नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्रों और संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। कई जगहों पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद की स्थिति भी बनी थी। इसके बाद कुछ लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई और मामले दर्ज किए गए। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था, लेकिन केवल प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उनके खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अदालत के इस निर्देश से ऐसे प्रदर्शनकारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन पर आंदोलन के दौरान केस दर्ज किए गए थे।


अदालत ने इस मामले में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया है। सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि किसी भी घटना की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में वीडियो रिकॉर्डिंग अहम भूमिका निभा सकती है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रदर्शन के दौरान क्या परिस्थितियां थीं और पुलिस कार्रवाई किस तरह हुई। नीट-यूजी परीक्षा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। हर साल लाखों छात्र इसमें हिस्सा लेते हैं और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए अपनी किस्मत आजमाते हैं। परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता का आरोप छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बन जाता है।


प्रदर्शन कर रहे छात्रों और संगठनों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, सरकार और संबंधित एजेंसियां पहले भी इस मामले में जांच और सुधारात्मक कदम उठाने की बात कह चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से राज्यों को नोटिस जारी किए जाने के बाद अब सभी संबंधित सरकारों को अपना जवाब दाखिल करना होगा। अदालत यह जानना चाहती है कि प्रदर्शन के दौरान क्या घटनाएं हुईं, पुलिस कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई और दर्ज किए गए मामलों की स्थिति क्या है।


इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान राज्यों के जवाब और उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर अदालत आगे के निर्देश जारी कर सकती है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रदर्शनकारियों पर तत्काल कार्रवाई रोक दी गई है और घटनाओं से जुड़े सबूतों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया गया है। नीट-यूजी विवाद से जुड़े इस मामले पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की नजर बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट की पहल को मामले में निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई से यह साफ होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है और परीक्षा व्यवस्था को लेकर कौन से सुधार लागू किए जाते हैं।

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