सुप्रीम कोर्ट: नाबालिकों से गैंगरेप मामलों पर दिल्ली पुलिस से माँगा जवाब...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में नाबालिकों से गैंगरेप के तीन मामलों को लेकर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। इनमें ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही बस, स्वरूप नगर और आस्था कुंज पार्क से जुड़े मामले शामिल हैं। जस्टिस जेबी पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की बेंच ने इन घटनाओं को 2012 के निर्भया कांड से जोड़ते हुए पूछा कि क्या उस घटना से कोई सबक लिया गया। कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की गश्त और निगरानी पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि लोगों को सुरक्षित और सम्मान के साथ जीने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है।
तीन घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट के सामने दिल्ली-NCR में हुई तीन गंभीर घटनाओं का मामला आया।
4 अगस्त: ग्रेटर नोएडा के परी चौक से 16 साल की नाबालिक एक बस में सवार हुई थी। आरोप है कि चलती बस में उसके साथ गैंगरेप हुआ। आरोपियों ने उसे कश्मीरी गेट पर उतारा।
इस दौरान बस करीब 47 किलोमीटर चली। बस की खिड़कियों पर पर्दे लगे हुए थे।
12 सितंबर: स्वरूप नगर में 16 साल की नाबालिक के साथ गैंगरेप के बाद हत्या का मामला सामने आया। अगले दिन उसका शव खेत के पास खुले इलाके में मिला। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें तीन नाबालिक हैं।
21 सितंबर: कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 17 साल की नाबालिक अपने दोस्त के साथ बैठी थी। आरोप है कि तीन युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसके साथ रेप किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
2012 के निर्भया कांड का भी हुआ जिक्र
जस्टिस जेबी पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की बेंच ने इन घटनाओं पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाएं 2012 के निर्भया कांड की याद दिलाती हैं। 2012 में दिल्ली की एक चलती बस में 23 साल की युवती के साथ गैंगरेप हुआ था। बाद में उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इन नई घटनाओं के संदर्भ में सवाल उठाया कि क्या उस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई जरूरी सबक लिया गया।
पुलिस गश्त और सार्वजनिक जगहों की सुरक्षा पर सवाल
कोर्ट ने दिल्ली-NCR में महिलाओं और नाबालिकों के खिलाफ यौन हिंसा की घटनाओं पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा। कोर्ट ने कहा कि पार्क, सड़क, बस, मेट्रो स्टेशन और सब-वे जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। कम पुलिस गश्त या निगरानी की कमी की वजह से इन जगहों को असुरक्षित नहीं छोड़ा जा सकता। आस्था कुंज पार्क की घटना का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि LSR कॉलेज की छात्राओं की ओर से पहले भी यौन उत्पीड़न की शिकायतें की गई थीं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार नहीं किए गए। कोर्ट ने यह भी कहा कि हिंसा से मुक्त होकर सम्मान के साथ जीवन जीना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है।
आस्था कुंज मामले में पुलिस की कार्रवाई
आस्था कुंज पार्क गैंगरेप मामले में पुलिस ने 22 सितंबर को एक आरोपी का एनकाउंटर किया था। इसमें आरोपी घायल हो गया था। एनकाउंटर वाली जगह से पुलिस ने एक बाइक और पिस्टल भी जब्त की थी।
दिल्ली में 2024 में POCSO के 1,553 मामले
NCRB के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में दिल्ली में POCSO के 1,553 मामले दर्ज हुए थे। इन आंकड़ों के हिसाब से दिल्ली में बच्चों से जुड़े यौन अपराध के औसतन 4 से ज्यादा मामले हर दिन दर्ज हुए। 2025 की रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है।






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