शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी: निफ्टी 22,520 और सेंसेक्स 72,472 पर बंद, रुपया भी संभला...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
मुंबई :- इस हफ़्ते भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में अच्छी बढ़त देखी गई। कच्चे तेल की कीमतों में हालिया तेज़ी के बाद आई गिरावट से लगातार आठ हफ़्तों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। इस हफ़्ते निफ़्टी में 0.44% की बढ़त हुई और कारोबार के आखिरी दिन यह 1.30% चढ़कर 22,520 पर पहुँच गया। कारोबार बंद होने पर सेंसेक्स 879 अंक या 1.23% बढ़कर 72,472 पर रहा। इस हफ़्ते इसमें 0.78% की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो अच्छे तिमाही नतीजों के दम पर IT सेक्टर ने रिकवरी की अगुवाई की, जबकि बैंकिंग, FMCG और ऑटो सेक्टर में भी खरीदारी देखी गई।
ब्रॉड मार्केट इंडेक्स का प्रदर्शन भी बेंचमार्क इंडेक्स जैसा ही रहा; इस हफ़्ते निफ़्टी मिडकैप100 में 0.09% और निफ़्टी स्मॉलकैप100 में 0.44% की बढ़त हुई। जानकारों का कहना है कि भले ही ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी से ग्लोबल संकेत बेहतर हुए हैं, लेकिन बॉन्ड यील्ड में तेज़ी और विदेशी फंड की लगातार निकासी के कारण बाज़ार का मूड अभी भी सतर्क बना हुआ है। बाज़ार के एक जानकार ने कहा, "मैक्रो-इकोनॉमिक और कमाई से जुड़ी अनिश्चितता को देखते हुए निवेशकों को सोच-समझकर निवेश करना चाहिए, अनुशासित तरीके से पोजीशन साइज़िंग बनाए रखनी चाहिए और हेज्ड अप्रोच अपनानी चाहिए।"
पिछले सेशन में ज़बरदस्त बिकवाली के बाद शुक्रवार को बाज़ार में मज़बूत रिकवरी देखी गई। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ़्टी के लिए 22,200–22,300 का ज़ोन तुरंत सपोर्ट एरिया बना हुआ है, जबकि 22,700–22,800 का ज़ोन तुरंत रेजिस्टेंस ज़ोन है। इसके अलावा, निफ़्टी शुरुआती दो सेशन में बढ़ा, अगले दो सेशन में दबाव में रहा और बाद में तेज़ी से रिकवर हुआ। NSE कैश-मार्केट टर्नओवर पिछले सेशन के मुकाबले 14% गिर गया। मार्केट ब्रेड्थ में ज़बरदस्त सुधार हुआ और एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो बढ़कर 1.35 हो गया। यह हालिया सेशन में भारी गिरावट के बाद मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में फिर से दिलचस्पी बढ़ने का संकेत है।
लगातार तीन सेशन की कमज़ोरी के बाद रुपया संभला और एशियाई मुद्राओं के साथ तालमेल बिठाते हुए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मज़बूत हुआ। इसमें 5 पैसे की बढ़त हुई और यह 96.71 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में कमी और ग्लोबल रिस्क लेने की इच्छा में सुधार के कारण डॉलर कमजोर हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिका ईरान के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा, बाजार के मूड में सुधार हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी शायद दखल दिया, जिससे रुपये को और मजबूती मिली।
#ShareMarket #StockMarket #Nifty #Sensex #BSE #NSE #MarketUpdate #IndianStockMarket #Rupee #RBI #CrudeOil #ITStocks #breakingADNnews






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments