IDYM फाउंडेशन द्वारा "अंतरिक्ष ज्ञान अभियान" मिशन अंतरिक्ष शिक्षा को बढ़ावा.....देखे पूरी रिपोर्ट

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से:-
IDYM फाउंडेशन द्वारा "अंतरिक्ष ज्ञान अभियान" मिशन अंतरिक्ष शिक्षा को बढ़ावा देने और युवा दिमागों को व अन्वेषण करने और सपने देखने में सक्षम बनाने के लिए 2 अक्टूबर, 2023 से 7 नवंबर 2023 तक छत्तीसगढ़ स्कूलों कॉलेजों की 36 दिनों की प्रदर्शनी सड़क यात्रा।
मिशन का उद्देश्य जिज्ञासा पैदा करना, वैज्ञानिक ज्ञान को आगे बढ़ाने में मदद करना, नई प्रोद्योगिकियों का और अंतरिक्ष विज्ञान के माध्यम से विश्व चुनौतियों का समाधान करना है। यह मिशन IDYM फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया है जो इसरो का पंजीकृत 'स्पेस ट्यूटर' एनजीओ है। नासा, आईआईटी, डीआरडीओ और ऐसे कई प्रसिद्ध संस्थानों के अंतरिक्ष विशेषज्ञों को आमंत्रित करेगा।

मिशन का फ्लैग ऑफ समारोह 2 अक्टूबर को आईजीकेवी ऑडिटोरियम, कृषकनगर, जोरा, रायपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इसरो के महान वैज्ञानिक डॉ. पी. डी. मिश्रा हैं, जो चंद्रयान मिशन के अंत अंतरिक्ष प्रोद्योगिकियों और उपग्रह विज्ञान में अपने विशाल अनुभव से छत्तीसगढ़ के छात्रों का मार्गदर्शन कर रहा है | उन्होंने चंद्रयान लैंडिंग के दौरान हिंदी में लाइव कमेंट्री भी दी थी जब पूरी दुनिया भारतीय अंतरिक्ष यात्रा के गौरवपूर्ण क्षण को देख रही थी।
मिशन को छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के सभी स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए स्कूल शिक्षा के आलोक शुक्ला और डीपीआई से अनुमति प्रदान की गई है। मिशन का लक्ष्य छत्तीसगढ़ में मिशनेरी, अनाथ छात्रों सहित 100 से अधिक स्कूलों/कॉलेजों तक पहुंचना है।

मुख्य विचार:-
-कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए.....
-मोबाइल वाहन के माध्यम से प्रदर्शनी स्कूल परिसर तक पहुंचेगी अंतरिक्ष उपग्रह, रॉकेट पर वर्कशॉप -रॉकेट, एस्ट्रोनॉट, चंद्रयान आदि के डेमो मॉडल। भारतीय अंतरिक्ष यात्रा, इसरो का इतिहास और अंतरिक्ष कई और दिलचस्प मिशन ओर...
- 1 से 2 घंटे का निःशुल्क वर्कशॉप स्कूल अधिकारियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा
वह स्कूली छात्रों के लिए कैसे फायदेमंद है?....
यह बच्चो को आत्मविश्वास दिलाएगा कि यदि छात्र अंतरिक्ष के बारे में काम कर सकें या सीख सकें तो वे करते हैं...
सपने देखने की प्रेरणा देगा, उनके जूनून पर जोर देगा....
वास्तविक दुनिया की समस्याओं के लिए कुछ अद्वितीय, नवीन या सरल समाधानों के बारे में सोचने की छात्रों में जागरूकता आएगी जो वैज्ञानिक बनने के बारे में सोच रहे हैं।
इसरो- चंद्रयान और अन्य अंतरिक्ष अभियानों के बारे में छात्रों की जिज्ञासा का समाधान करें और इसे बुनियादी सरल अवधारणाओं प्रक्रिया या दैनिक जीवन से जोड़ें।
मिशन को सी.एस.आर. पहल के तहत कॉर्पोरेट पार्टनर आर्मस्ट्रांग दवारा सहयोग किया जा रहा है, जो इंट्रालॉजिस्टिक्स उद्योग में एकीकृत स्वचालित पौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर और सेवाओं का एक प्रमुख वैश्विक आपूर्तिकर्ता है। साथ ही आईजीकेवी प्रशासन और इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. गिरीश चर्दल द्वारा भी सहायता प्रदान की गई है। जिला प्रशासन, रायपुर के सीईओ अविनाश मिश्रा एवं उनकी टीम से भी बड़ी मदद मिली है। उद्घाटन समारोह मैं उन्हें विशेष अतिथि के रूप में पाकर हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
IDYM के सह-संस्थापक और अध्यक्ष रत्नेश मिश्रा का जन्म छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एवं शिक्षण भिलाई, रायपुर में हुआ है। वह आईआईटी बॉम्बे छात्र उपग्रह प्रथम के पूर्व-प्रोजेक्ट मैनेजर हैं| उन्होंने 3 साल पहले सह-संस्थापक रविशंकर कुमार के साथ इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड्स (IDYM) फाउंडेशन की शुरुआत की थी | जिसका उद्देश्य स्कूलों से युवा दिमागों में अंतरिक्ष शिक्षा को बढ़ावा देना था। संगठन अंतरिक्ष विशेषज्ञों वैज्ञानिको शिक्षकों, आईआईटीयन और पेशेवरो की एक टीम के सहयोग से विश्व स्तर पर कार्यशालाएं व्याख्यान, अंतरिक्ष जागरूकता कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं, इंटरैक्टिव सत्र और पैनल चर्चा आयोजित करता है। अंतरिक्ष क्षेत्र में समृद्ध ज्ञान के प्रसार को सुनिश्चित करने में जीवंत भूमिका निभाने के लिए इसे इसरो द्वारा "स्पेस ट्यूटर" के रूप में अधिकृत किया गया है। उपाध्यक्ष, मानवी धवन मिश्रा, जो आईआईटी बॉम्बे से स्नातक प्रथम की पूर्व-परियोजना प्रबंधक भी हैं, छात्रों का मार्गदर्श करेगी और युवा लड़कियों को अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी। उनका मानना है कि अंतरिक्ष एक ड्राइंग है जहां बच्चे अपनी कल्पना से कुछ भी बना सकते हैं और असीमित अन्वेषण कर सकते हैं। वह छात्रों को अपने स्वयं के अंतरिक्ष प्रोजेक्ट बनाने के लिए शिक्षित करने और मदद करने के साथ आत्मनिर्भर भारत की यात्रा पर फाउडेशन को आगे जाने के लिए पूरी लगन से प्रेरित हैं।
संस्थापक अध्यक्ष रत्नेश मिश्रा का मानना है कि अगर हम छात्रों को अंतरिक्ष और उपग्रहों के बारे में सीखने नहीं दे रहे है, तो हम उन्हें बड़े सपने देखने से रोक रहे हैं। वह हर इच्छुक छात्र तक पहुंचने और भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की विरास जारी रखने के लिए पूरी लगन से प्रेरित हैं।
IDYM दिवगत राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की विचारधारा का अनुसरण करता है और उसका लक्ष्य राष्ट्र के युवा निर्माण के लिए ज्ञान की एक बंद का योगदान करना है जैसा कि उन्होंने सपना देखा था। साथ ही, IDYM भारत के उन वैज्ञानिकों को सलाम करता है जिन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में बहुत बड़ा योगदान दिया।
इसी उद्देश्य से आगामी मिशन अंतरिक्ष ज्ञान अभियान पर विचार किया गया है।
छात्रों को प्रेरित करने और आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए सरकार गैर सरकारी संगठनों और निजी संगठनो कई पहल चल रही हैं। यह सही पोषण और उत्साह के साथ छात्रों के लिए अपार संभावनाओं का स्थान है। इतनी कम छात्रों की कल्पनाशक्ति को विकसित करने में मदद करने से भविष्य के भारत के लिए आत्मविश्वासी और समर्पित का निर्माण किया जा सकता है, जो सकारात्मक दृष्टिकोण और लचीलेपन के साथ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पा सकते हैं। इसलिए IDYM ने इस अभियान को छत्तीसगढ़ से शुरू करने का निर्णय लिया और इसका उद्देश्य भारत के इच्छुक छात्रों तक पहुँचते हुए अन्य राज्यों में भी मिशन को जारी रखना है।






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