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शिरडी साईं बाबा: धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ पर केंद्र का कड़ा रुख.....

Aug 20
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

नई दिल्ली शिरडी के साईं बाबा को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित आपत्तिजनक और भड़काऊ कंटेंट के मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। साईं बाबा से जुड़े विवादित वीडियो और ऑनलाइन सामग्री को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार से कार्रवाई की जानकारी मांगी, जिसके बाद केंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 24 घंटे के भीतर विवादित सामग्री हटाने के निर्देश दिए हैं। मामले में शिरडी साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट की ओर से अदालत का दरवाजा खटखटाया गया था। ट्रस्ट का आरोप है कि कुछ सोशल मीडिया चैनलों और प्लेटफॉर्म्स पर साईं बाबा को लेकर ऐसी सामग्री प्रसारित की जा रही है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और समाज में तनाव पैदा हो सकता है।


साईं बाबा को लेकर क्या था विवाद?

मामला उन वीडियो और ऑनलाइन पोस्ट से जुड़ा है, जिनमें साईं बाबा के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां की गई थीं। ट्रस्ट ने अदालत में दलील दी कि इस तरह की सामग्री न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है, बल्कि धार्मिक सौहार्द को भी प्रभावित कर सकती है। ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि कई वीडियो और लिंक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं और उन्हें हटाने के लिए पहले भी शिकायतें की गई थीं। लेकिन संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।


हाईकोर्ट ने क्यों जताई नाराजगी?

दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा। अदालत ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि आपत्तिजनक सामग्री को लेकर शिकायतों पर उचित और समयबद्ध कार्रवाई हो।सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की शिकायत अपील समिति (GAC) ने मामले में आदेश पारित किया है और संबंधित सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।


केंद्र ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम

केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि विवादित कंटेंट को 24 घंटे के भीतर हटाया जाए। सरकार का कहना है कि ऐसी सामग्री ऑनलाइन रहने से वह तेजी से फैल सकती है और लोगों की धार्मिक भावनाओं को प्रभावित कर सकती है। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि यह कार्रवाई पहले के न्यायिक निर्देशों के अनुपालन में की गई है।


यूट्यूब पर अभी भी मौजूद हैं कई वीडियो

साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट की ओर से अदालत में यह भी बताया गया कि आदेश के बावजूद कई वीडियो और लिंक अभी भी इंटरनेट पर मौजूद हैं। ट्रस्ट ने दावा किया कि बड़ी संख्या में ऐसे URL हैं जिन्हें अब तक हटाया नहीं गया है। इसके अलावा ट्रस्ट ने यह भी कहा कि नए वीडियो और पोस्ट लगातार सामने आ रहे हैं, जिनमें कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री मौजूद है।


धार्मिक भावनाओं और सोशल मीडिया पर बहस

इस पूरे मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर धार्मिक सामग्री को लेकर बहस छेड़ दी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर किसी भी धार्मिक या संवेदनशील विषय से जुड़ी सामग्री तेजी से फैल सकती है, इसलिए सरकार और अदालतें ऐसे मामलों में सतर्क रुख अपना रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सौहार्द का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। साईं बाबा की आस्था और महत्व शिरडी के साईं बाबा देशभर में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। अलग-अलग धर्मों के लोग उन्हें श्रद्धा से मानते हैं। यही कारण है कि उनसे जुड़े किसी भी विवादित बयान या सामग्री पर बड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। शिरडी साईं बाबा संस्थान देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अदालत ने आगे क्या कहा? दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि ट्रस्ट की ओर से दर्ज नई शिकायतों पर भी तेजी से विचार किया जाए और नियमानुसार कार्रवाई की जाए। मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने तारीख तय की है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स केंद्र के निर्देशों पर कितनी तेजी से अमल करते हैं और कितनी विवादित सामग्री हटाई जाती है।



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