90 करोड़ की सड़क पर उठे गंभीर सवाल: पहली डामर परत उखड़ी, जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
खैरागढ़: विकास और जनता को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए बनाई जा रही करोड़ों की परियोजनाएं किस तरह भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ जाती हैं, इसकी बानगी छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव-खैरागढ़ मार्ग पर साफ देखी जा सकती है। करीब 90 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही यह सड़क अभी पूरी तरह से मुकम्मल भी नहीं हुई है, लेकिन इससे पहले ही इसकी गुणवत्ता की पोल खुल गई है। सड़क पर बिछाई गई डामर की पहली परत अभी से उखड़ने लगी है, जिससे पूरे निर्माण कार्य पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
गुणवत्ता पर उठे बड़े सवाल -
राजनांदगांव से खैरागढ़ की तरफ आने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर कई जगहों पर डामर की परत पूरी तरह उखड़ चुकी है। सड़क की सतह जगह-जगह से ऊबड़-खाबड़ हो गई है और सतह के नीचे की गिट्टी बाहर झांकने लगी है। स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि तकनीकी मानकों को ताक पर रखकर कराए गए इस काम के कारण जनता के पैसों की बर्बादी हो रही है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि पहली लेयर डलने के बाद हुई भारी बारिश और जलभराव के चलते कुछ हिस्से डैमेज हुए हैं।
शासन स्तर पर एक्शन, जांच कमेटी गठित -
मामले की गंभीरता को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने एक उच्चस्तरीय चार सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। यह कमेटी सड़क निर्माण से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच करेगी।
जांच के प्रमुख बिंदु:
सड़क के जीसीबी, डब्लूएमएम, सबग्रेड और डामरीकरण की गुणवत्ता।
उपयोग किए गए बिटुमिन की मात्रा, सड़क की मोटाई और घनत्व (डेंसिटी)।
एग्रीगेट, ग्रेडेशन और लेवलिंग के तकनीकी मानकों की जांच।
निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा।
भुगतान पर रोक और सुरक्षा निर्देश -
कड़े तेवर दिखाते हुए आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि जांच के दौरान किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार या गुणवत्ता से समझौता पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित कार्यों के भुगतानों पर भी रोक लगाने पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं। डोंगरगांव और कुमरदा समेत जिन इलाकों में सड़क उखाड़कर छोड़ दी गई है, वहां यात्रियों की सुरक्षा के लिए तत्काल मरम्मत और चेतावनी संकेत लगाने को कहा गया है।
अब सबकी निगाहें तीन दिन के भीतर सौंपी जाने वाली उस जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि करोड़ों की इस सड़क का हाल बारिश की वजह से बिगड़ा या यह घटिया निर्माण का नतीजा है।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments