राजधानी में सनसनीखेज वारदात: प्रेम प्रसंग और पैसों के लेन-देन में रची गई थी युवक की हत्या की खौफनाक साजिश, सात गिरफ्तार....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में एक युवक की हत्या का पुलिस ने ऐसा पर्दाफाश किया है, जिसके तार प्रेम प्रसंग और एक गहरी साजिश से जुड़े हैं। इस मामले में पुलिस ने दो नाबालिगों समेत सात आरोपियों को दबोच लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक की पत्नी से नजदीकियां बढ़ाने की चाहत में ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया था।
पूरी साजिश की परतें -
पुलिस पड़ताल के मुताबिक, मुख्य सूत्रधार ने मनीष यादव (34) को रास्ते से हटाने के लिए पूरी योजना तैयार की थी। इसके लिए दो नाबालिग शूटरों को दो लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। वारदात को अमलीजामा पहनाने के लिए हथियार, कारतूस और एक मोटरसाइकिल का खास तौर पर बंदोबस्त किया गया था। इस पूरी तैयारी में डिजिटल भुगतान का सहारा लिया गया, जिसके ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के पुख्ता सबूत भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
ऐसे हुआ राजफाश -
घटना 13 अक्टूबर की रात की है, जब सोनिया विहार के 4.5 पुश्ते के पास एक युवक को गोली मारे जाने की खबर मिली थी। आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। शुरुआत में इस मामले को एक सामान्य और अचानक हुई वारदात दिखाने की कोशिश की गई थी, लेकिन जब खाकी ने अपना शिकंजा कसा और तकनीकी सर्विलांस के साथ इलाके के दो सौ से ज्यादा कैमरों की फुटेज खंगाली, तो सच सामने आने लगा। गवाहों के बयानों और घटनास्थल के हालातों में विरोधाभास मिलने पर जब गहराई से पूछताछ हुई, तो साजिश की एक-एक कड़ी खुलती चली गई।
रची गई थी नाकाम कोशिश भी -
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस हत्याकांड को अंजाम देने की एक असफल कोशिश 10 अक्टूबर को भी की गई थी, जब मुख्य आरोपी ने पीड़ित को रोहिणी से सोनिया विहार लाने की कोशिश की थी, लेकिन तब बात बन नहीं पाई थी। आखिरकार 13 अक्टूबर को एक सोची-समझी चाल के तहत पीड़ित को घर से बाहर बुलाया गया। उसे एक हजार रुपये के लेन-देन के बहाने और ऑनलाइन सौ रुपये भेजकर नकद वापसी के नाम पर घर से बाहर निकाला गया। जैसे ही वह बाहर आया, घात लगाए बैठे शूटरों ने उसे निशाना बना लिया। हैरानी की बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी ने ही घायल को अस्पताल ले जाने का नाटक कर मदद करने का ढोंग किया था।
गिरफ्तार आरोपियों का दायरा -
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विवेक, उमेश, आनंद, नितिन और हथियार उपलब्ध कराने वाले भीम को दबोच लिया है। इसके अलावा दो नाबालिगों को भी संरक्षण में लिया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद कर ली है। हथियार के पुराने इतिहास और अन्य सहयोगियों की भूमिका को लेकर भी गहराई से छानबीन जारी है।






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