रायपुर में फर्जी कागजातों के जरिए ढाई करोड़ से अधिक लोन उठाने का सनसनीखेज मामला...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
राजधानी रायपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा की मौदहापारा स्थित के.के. रोड शाखा से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। बैंक से लगभग 2 करोड़ 70 लाख रुपए का ऋण उठाने के लिए जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगा है। इस पूरे प्रकरण में स्थानीय निवासी लता तिवारी ने मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया है कि उनके नाम और संपत्तियों को आधार बनाकर बिना उनकी जानकारी के यह लोन लिया गया, जबकि उनका इस ऋण प्रक्रिया से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।
दस हजार वर्गफुट के प्लॉट पर ढाई करोड़ से अधिक का लोन -
सामने आई जानकारी के मुताबिक, मौदहापारा शाखा से कथित कंटेनर प्रोजेक्ट के नाम पर 2.70 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि बतौर ऋण मंजूर कराई गई थी। आरोप है कि इस लोन को पास कराने के लिए करीब 10 हजार वर्गफुट के एक ओपन प्लॉट से जुड़े कागजातों का इस्तेमाल किया गया। इस शिकायत में कपिल कुमार पटेल और दीपक पटेल को लोन लेने वाला तथा इकबाल सिंह भल्ला को गारंटर के तौर पर नामजद किया गया है।
बुजुर्ग महिला के घर पर वसूली का नोटिस चस्पा -
पीड़िता का कहना है कि लोन के एवज में जो संपत्ति दिखाई गई थी, वह दस हजार वर्गफुट का खुला भूखंड था; लेकिन बैंक की तरफ से वसूली का वारंट उनके खुद के स्वामित्व वाले पांच हजार वर्गफुट के बने-बनाए मकान पर चस्पा कर दिया गया। बिना किसी संबंध के उनके निजी आवास पर नोटिस चस्पा होने से उन्हें भारी मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। इस मामले में उन्होंने शाखा प्रबंधक संजय कुमार की कार्यप्रणाली पर भी कड़े सवाल खड़े किए हैं।
लोन बांटने की आंतरिक प्रक्रिया पर खड़े हुए गंभीर सवाल -
बड़ी रकम के कर्ज वितरण के दौरान बैंक द्वारा किए जाने वाले भौतिक सत्यापन, ऑन-साइट इंस्पेक्शन, तस्वीरों और वैल्यूएशन रिपोर्ट जैसी बुनियादी प्रक्रियाओं पर भी सवालिया निशान लग गए हैं। महिला का तर्क है कि यदि लोन फर्जी दस्तावेजों के दम पर जारी हुआ था, तो बैंक के स्तर पर कागजातों की स्क्रूटनी किस तरह से की गई, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। उनका दावा है कि उनकी संपत्ति के असली और मूल कागजात आज भी पूरी तरह से उनके पास सुरक्षित हैं।
उच्च स्तर पर लिखित शिकायत और न्याय की गुहार -
इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित करने के लिए पीड़िता ने कई बड़े महकमों का दरवाजा खटखटाया है। डीजीपी, ईओडब्ल्यू, रायपुर पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य सतर्कता अधिकारी, केंद्रीय सतर्कता आयोग और बैंकिंग लोकपाल को लिखित शिकायत भेजी गई है। ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) के आदेश पर गलत पते या गलत संपत्ति पर वारंट चस्पा किए जाने के इस मामले में अब तमाम पक्षों के आधिकारिक बयानों और आधिकारिक जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।






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