जियो IPO से पहले बाजार में तूफानी उम्मीदें, ₹2.5 लाख करोड़ की मांग...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
मुंबई :- जियो प्लेटफॉर्म्स के आने वाले इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में संस्थागत निवेशकों (institutional investors) ने लगभग ₹2.5 लाख करोड़ की दिलचस्पी दिखाई है। इससे पता चलता है कि शेयर बाजार में कंपनी की संभावित एंट्री से पहले इसकी काफी मांग है। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया है कि म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों, सॉवरेन वेल्थ फंड और ग्लोबल एसेट मैनेजरों जैसे प्रमुख घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने इसमें रुचि दिखाई है। इस मांग में भारत की 10 सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनियों और 5 सबसे बड़ी बीमा कंपनियों के साथ-साथ विदेशी निवेश संस्थानों की भागीदारी भी शामिल है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी कंपनी, जियो प्लेटफॉर्म्स अगले हफ्ते अपना पब्लिक इश्यू ला सकती है। जानकारी के अनुसार, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC), SBI म्यूचुअल फंड और HDFC म्यूचुअल फंड जैसी प्रमुख घरेलू संस्थाओं ने इस ऑफरिंग में हिस्सेदारी (allocation) पाने की इच्छा जताई है। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों में फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स (Fidelity Investments), कैपिटल ग्रुप (Capital Group) और ब्लैक रॉक (BlackRock) ने भी दिलचस्पी दिखाई है। कई बड़े सॉवरेन वेल्थ फंडों ने भी शेयरों की मांग की है।
इनमें सिंगापुर का GIC, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट (Norges Bank Investment Management), अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी शामिल हैं। निवेशकों के इस दायरे में केवल पारंपरिक संस्थागत फंड ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी पर फोकस करने वाले ग्लोबल निवेशक और बड़े 'फैमिली ऑफिस' (family offices) भी शामिल हैं। ₹2.5 लाख करोड़ की यह मांग निवेशकों की कुल दिलचस्पी को दर्शाती है, न कि पक्के सब्सक्रिप्शन या शेयरों के फाइनल अलॉटमेंट को।
इस प्रस्तावित IPO से निवेशकों को जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर सीधे खरीदने का मौका मिलेगा, जो अभी रिलायंस इंडस्ट्रीज के तहत काम करती है। कंपनी ने अपने मूल टेलीकॉम कारोबार से आगे बढ़कर एक व्यापक डिजिटल सर्विस इकोसिस्टम तैयार किया है। इसके कामकाज में मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड, क्लाउड सेवाएं, डिजिटल एंटरटेनमेंट और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस शामिल हैं। रिपोर्ट में शामिल बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ये कारोबार जियो की लंबी अवधि की कमाई की क्षमता को मजबूत कर सकते हैं और ऐसे निवेशकों को आकर्षित कर सकते हैं जो भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में निवेश करना चाहते हैं।
शेयर बाजार में अलग लिस्टिंग होने से जियो प्लेटफॉर्म्स की एक स्वतंत्र मार्केट वैल्यूएशन भी तय हो जाएगी। संस्थागत निवेशकों की इतनी बड़ी दिलचस्पी से पता चलता है कि इस ऑफरिंग की काफी मांग है। निवेशकों की वास्तविक भागीदारी, इश्यू का आकार, कीमत और शेयरों का अलॉटमेंट, IPO की औपचारिक प्रक्रिया और जरूरी खुलासों (disclosures) पर निर्भर करेगा।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments