टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोटा स्टेशन से 3 संदिग्ध गिरफ्तार, नेपाल भागने की थी फिराक में...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
बॉलीवुड स्टार टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के मामले में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में ताबड़तोड़ सर्च ऑपरेशन चलाकर तीन संदिग्धों को दबोच लिया गया। इन पर मुंबई में अभिनेता पर चलाई गई गोलियों की इस सनसनीखेज वारदात में संलिप्त होने का शक है। शुरुआती पड़ताल में बात सामने आई है कि ये आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद मुंबई से फरार हुए थे और दिल्ली के रास्ते नेपाल सीमा पार करने की जुगत में थे। मुंबई से इनपुट मिलने के बाद कोटा पुलिस ने फौरन एक्शन लेते हुए इन्हें धर दबोचा। इस ऑपरेशन में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और रेलवे सुरक्षा अमले ने भी पूरा सहयोग दिया।
महज 15 मिनट में तैयार हुई रणनीति -
पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, मुंबई की तरफ से संदिग्धों के ट्रेन से सफर करने का मैसेज मिला था। खबर मिलते ही तकनीकी सेल को तुरंत एक्टिव कर दिया गया। महज 15 मिनट के भीतर ही पूरी कार्रवाई का खाका तैयार कर लिया गया था और स्टेशन पर सतर्कता बढ़ा दी गई।
ट्रेन के जनरल डिब्बों में हुई छानबीन -
सोमवार सुबह तकरीबन 10:30 बजे पुणे-जयपुर एक्सप्रेस जैसे ही कोटा स्टेशन पर रुकी, पहले से मुस्तैद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया। ट्रेन के जनरल कोचों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके दौरान तीनों संदिग्धों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के चलते आरोपियों को आगे खिसकने का कोई मौका नहीं मिला।
अलग-अलग राज्यों से जुड़े तार और संदिग्धों की पहचान -
पकड़े गए तीनों लोगों की पृष्ठभूमि अलग-अलग राज्यों से जुड़ी है। इनमें से दो आरोपी हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं, जबकि एक का ताल्लुक बिहार से है। इनके नाम रेहान, फूल सिंह और ऋतिक कुमार बताए जा रहे हैं। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है, जबकि दूसरा आरोपी मुंबई में बाइक टैक्सी चलाने का काम करता था। पुलिस इनकी उम्र, पहचान और अपराध में इनकी असल भूमिका की गहराई से पुष्टि कर रही है।
रविवार शाम जुहू में हुआ था हमला -
यह पूरा प्रकरण रविवार, 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के पॉश जुहू इलाके का है। अभिनेता टाइगर श्रॉफ जब अपनी गाड़ी से गुजर रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। हालांकि इस खूनी संघर्ष में अभिनेता बाल-बाल बच गए, लेकिन उनका ड्राइवर और एक राहगीर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था।
सीसीटीवी फुटेज और गैंग कनेक्शन की पड़ताल -
घटना के तुरंत बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसी तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपियों के राजस्थान की तरफ भागने का रूट मैप हाथ लगा। उधर, खुफिया सूत्रों से इस बात के भी संकेत मिले हैं कि इस हमले के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का हाथ हो सकता है। जांच एजेंसियां आरोपियों के डिजिटल रिकॉर्ड और गैंग के अन्य गुर्गों से उनके संपर्कों की टोह ले रही हैं।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments