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स्वच्छता का संस्कार बचपन से, तुमगांव स्कूल में साबुन बैंक की सफल शुरुआत....

Jul 29
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

महासमुंद जिले के शासकीय प्राथमिक शाला तुमगाँव मे बच्चों को स्वच्छता की आदत डालने के लिए शिक्षकों ने नवाचार की शुरूआत की , जिसे अब नन्हे मुन्ने छात्र-छात्राएं पिछले साल से अपने संस्कार बना लिए हैं । शासकीय प्राथमिक शाला तुमगाँव मे स्वच्छता के संस्कार को जड़ से मजबूत करने के लिए शिक्षकों ने पिछले सत्र 2025 से एक अनूठी पहल की नींव रखते हुए साबुन बैंक की शुरूआत की। बच्चों मे दिलचस्पी एवं सफाई की भावना जागृत करने के लिए बच्चों से ही 1-1 साबुन मंगाया गया । इसमे पालकों और शिक्षकों ने भी साबुन के साथ भागीदारी की। 


सत्र की शुरूआत मे ही गरीब परिवारों के बच्चों वाले शासकीय प्राथमिक शाला के बच्चे, पालक, शिक्षक साबुन लेकर स्कूल पहुंचते हैं और साबुन जमा करते हैं। अब यह परंपरा बन चुकी है । इस वर्ष भी सत्र की शुरूआत मे स्कूल मे दीप प्रज्ज्वलित कर साबुन बैंक के कार्यक्रम की शुरुआत की गई और साबुन जमा करने के अभियान को उत्सव की तरह मनाया गया , जिससे छात्रों मे सफाई की आदत और संस्कार विकसित हो सके। 


कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 तक के 49 छात्र-छात्राओं की दर्ज संख्या वाले शासकीय प्राथमिक शाला तुमगाँव के सभी बच्चे अब मध्याह्न भोजन से पहले, शौचालय से आने के बाद, खेल मे हाथ गंदा होने के बाद साबुन से हाथ धोते हैं । यह आदत घर मे भी काम आती है । बच्चे घर मे भी साबुन से हाथ धोने लगे हैं । बच्चों मे चर्म रोग एवं अन्य बीमारियों मे भी कमी आई है । बच्चों का कहना है कि हम लोग नियमित शौच से आने के बाद, खेलने के बाद एवं भोजन करने से पूर्व हाथों को साबुन से अच्छे से साफ करते है और लोगो को भी बताते है। 


साबुन बैक संचालित करने का नवाचार करने वाले शिक्षक का कहना है कि स्वच्छ भारत का सपना साकार करने के साथ बच्चों को स्वच्छ व स्वस्थ रखने के उद्देश्य से साबुन बैंक संचालित किया जा रहा है । साबुन बैंक बनाने वाले सहायक शिक्षक वीओ -03- गौरतलब है कि स्कूल में साबुन बैंक के अलावा पुस्तकालय, दर्पण , कंघी ,नेल कटर आदि भी उपलब्ध रहता है । बहरहाल स्कूल का साबुन बैंक बच्चों को संक्रमण से बचाने एवं स्वस्थ जीवन शैली के प्रति जागरूक करने का सशक्त माध्यम बन गया है । जब बच्चे खुद साबुन लाते हैं , तो उनके भीतर जिम्मेदारी का भाव आता है । सबसे दिलचस्प है कि साबुन बैंक के बाद स्कूल की दर्ज संख्या मे तेजी से वृद्धि हुई है ।

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