छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी के समस्याओ लेकर प्रांत संयोजक गोपाल प्रसाद साहू ने सौजन्य मुलाकात किये...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-
रायपुर - छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा प्रदेश में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों [मानदेय, आउट सोर्सिंग, ठेका, सेवा प्रदाता, दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर दर श्रमायुक्त दर पर कार्यरत श्रमिक, अशंकालिक, जाबदर, संविदा, सेवा से पृथक कर्मचारी] के नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर निरंतर संघर्षरत है।
1. आपने 8 मार्च 2022, 5 सितम्बर 2022, 20 नवम्बर 2022 को आमंत्रण पर अपने अधिकार के लिए संघर्षरत अनियमित कर्मचारियों के मंच पर आए और मांगों का समर्थन किया तथा भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर समस्याओं का निराकरण आश्वस्त किया |
2. अरुण साय, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी एवं अनेक भारतीय जनता पार्टी के
नेता एवं जन प्रतिनिधि हमारे आमंत्रण पर 14 जुलाई 2023 को हमारे मंच में आए और हमारी समस्याओं को सुना तथा अनियमित कर्मचारियों की समस्याओं को छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी की घोषणा पत्र पर में सम्मिलित कर सरकार बनने पर पूरा करने आश्वस्त किया |
कांग्रेस के वादाखिलाफी के पश्चात् प्रदेश के अनियमित कर्मचारियों को भारतीय जनता पार्टी पर बहुत ज्यादा उम्मीद है तथा मोर्चा ने 5 सूत्रीय सुझाव (45 पृष्ट) घोषणा पत्र समिति को एवं अन्य पदाधिकारियों को सौंपा गया था। परन्तु भारतीय जनता पार्टी ने केवल "सरकार बनने के 100 दिन के भीतर छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं एवं मांगों की समीक्षात्मक प्रक्रिया आरम्भ करने एवं मार्ग प्रशस्त करने हेतु एक कमिटी का गठन करेंगे जिसमे अनियमित कर्मचारी संगठनों का पदाधिकारी भी सम्मिलित भी सदस्य होंगे” का उल्लेख किया है। केवल गठित की जाने वाले कमिटी में अनियमित संगठनों के पदाधिकारियों को सम्मिलित करने पर फोकस किया गया जो पर्याप्त नहीं है।
अतः अनुरोध है कि निचे दिए हमारी मांगों को घोषणा पत्र (मोदी की गारंटी) में स्पष्ट रूप से सम्मिलित करने करने का कष्ट करेंगे, संभव न हो तो पृथक से पत्र के माध्यम से जारी कष्ट करेंगे |
5 सूत्रीय विषयवस्तु / मांग |
3. 23 जुलाई, 2018 को धरना-प्रदर्शन के दौरान 15 अनियमित कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमा को शून्य किया जाये।
4. शासकीय सेवा में कार्यरत समस्त अनियमित, [ मानदेय, आउट सोर्सिंग, ठेका, सेवा प्रदाता, दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर पर कार्यरत श्रमिक, अशंकालिक, जायदर, संविदा, सेवा से पृथक कर्मचारी ] कर्मचारी-अधिकारियों को नियमित किया जाये तथा नियमितीकरण से वंचित को स्थायीकर्मी बनाकर स्थायीकरण किया जाये।
5. विगत वर्षों से निकाले गए छटनी किये गए अनियमित कर्मचारियों को बहाल कर छटनी पर रोक लगाई जाये।
6. अंशकालिक कर्मचारियों को पूर्णकालीन किया जाये।
7. शासकीय सेवाओं में आउटसोर्सिंग, ठेका, सेवा प्रदाता सिस्टम को पुर्णतः समाप्त कर कर्मचारियों का समायोजन किया जाये तथा नियत अवधि में नियमित किया जाये।
छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा के प्रांत संयोजक गोपाल प्रसाद साहू के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के नीज निवास कार्यालय में किये उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की घोषणा पत्र में अनियमित कर्मचारियों के बारे में स्पष्ट उल्लेख करने के लिए आज 11 नवंबर को अपनी टीम के साथ मिला तथा उन्हें आश्वास्त किया इस संदर्भ में संगठन में चर्चा किया जाएगा।






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