रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में 26 मामलों का हुआ निपटारा.....
- ANIS LALA DANI

- 4 hours ago
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ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
रायपुर:- छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू एवं सदस्य सरला कोसरिया की अध्यक्षता में रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जनसुनवाई हुई। इस दौरान कुल 36 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए, जिनमें 26 मामलों की सुनवाई की गई, जबकि 7 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए।
भरण-पोषण को लेकर पति को समझाइश
सुनवाई के दौरान एक महिला ने शिकायत की कि संतान नहीं होने की वजह से पति द्वारा उसके साथ मारपीट और गाली-गलौच की जाती है। महिला ने यह भी बताया कि न्यायालय के आदेश के बावजूद उसे प्रतिमाह 1500 रुपये भरण-पोषण की राशि नहीं दी जा रही है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने पति को नियमित रूप से भरण-पोषण की राशि देने की समझाइश दी। इसके बाद प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
बच्ची से मिलने नहीं देने का मामला
एक अन्य मामले में महिला ने शिकायत की कि उसे अपनी दो वर्षीय बच्ची से मिलने नहीं दिया जा रहा है और बच्ची को वापस मांगने पर धमकी दी गई। सुनवाई में सामने आया कि बच्ची को महिला ने दूसरे पक्ष को गोद दिया था। सभी संबंधित पक्षों की मौजूदगी में मामले की आगे सुनवाई की जाएगी, जिसके लिए प्रकरण आगामी सुनवाई में रखा गया है।
40 हजार रुपये की ठगी की शिकायत
एक मामले में महिला ने आरोप लगाया कि उसके मकान का टैक्स जमा कराने और टैक्स कम करवाने के नाम पर उससे 40 हजार रुपये लिए गए, लेकिन न तो टैक्स जमा कराया गया और न ही रकम वापस की गई। आयोग ने संबंधित व्यक्ति को 20 दिन के भीतर राशि वापस करने की समझाइश दी। समय मांगे जाने पर प्रकरण आगामी सुनवाई के लिए रखा गया।
पति के दूसरी महिला से संबंध का मामला
एक अन्य मामले में महिला ने पति पर दूसरी महिला के साथ संबंध रखने और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। सुनवाई के दौरान पति ने दूसरी महिला के साथ संबंध होने की बात स्वीकार की। दूसरी महिला ने भी आयोग के समक्ष इसकी पुष्टि की। मामले में अगली सुनवाई के दौरान दूसरी महिला और उसके बच्चों को उपस्थित रखने के निर्देश दिए गए।
शादी का झांसा देकर संबंध बनाने की शिकायत
एक प्रकरण में महिला ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति करीब 12 वर्षों तक शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध में रहा और अब उसके परिवार की ओर से उसे धमकियां दी जा रही हैं। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने संबंधित थाने को न्यायोचित कार्रवाई के निर्देश दिए। एफआईआर के बाद प्रकरण नस्तीबद्ध किए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा संपत्ति विवाद और धमकी से जुड़े मामलों की भी सुनवाई हुई। एक मामले में महिला को एसडीएम कोर्ट में स्थानीय जांच कराने की सलाह दी गई, जबकि एक अन्य मामले में दोनों पक्षों को आपसी शर्तों के साथ साथ रहने के लिए समझाइश दी गई।
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