दशहरे पर बारिश और आंधी का साया, मध्य प्रदेश के 25 जिलों में मौसम बिगड़ने के आसार...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
मध्य प्रदेश में इस बार विजयदशमी के उल्लास के बीच बादलों ने आयोजकों और कलाप्रेमियों की नींद उड़ा दी है। मौसम के अचानक करवट लेने से राजधानी भोपाल और इंदौर समेत प्रदेश के करीब 25 जिलों में तेज आंधी और बारिश की आशंका जताई गई है, जिससे जगह-जगह होने वाले रावण दहन के आयोजनों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
भीगने से बचाने के लिए पुतलों को ढका -
मौसम के इस बदले तेवर को देखते हुए भोपाल और इंदौर के कारीगरों और समितियों ने एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। बांस, कागज और सुंदर कपड़ों से महीनों की मेहनत के बाद तैयार किए गए रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों को भीगने से बचाने के लिए प्लास्टिक शीट, पीवीसी कवर और मजबूत तिरपाल से ढका जा रहा है। आयोजकों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि ऐन वक्त पर पानी बरसे, तो भी पुतले सुरक्षित रहें और तय समय पर उनका दहन किया जा सके।
पुराना डर और इस बार की सतर्कता -
साल 2022 के दशहरा पर्व की यादें अभी भी लोगों के जेहन में ताजा हैं, जब अचानक हुई मूसलाधार बारिश ने पुतलों को गीला कर दिया था। उस दौरान समितियों को पुतले जलाने के लिए केरोसिन का सहारा लेना पड़ा था और कई जगहों पर कार्यक्रम घंटों की देरी से शुरू हुए थे। पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार कमेटियां पहले से ही पुख्ता इंतजाम करने में जुटी हैं।
खुले मैदानों में सुरक्षा को लेकर चिंता -
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आगामी 23 अक्टूबर तक राज्य के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही और हल्की बौछारें पड़ने की संभावना बनी रह सकती है। अक्टूबर के महीने में अमूमन बारिश थम जाती है, लेकिन इस बार के मौसम बदलाव ने सबको चौंका दिया है। मैदानों में जुटने वाली भारी भीड़, टेंट, लाइटिंग और साउंड सिस्टम को सुरक्षित रखना भी आयोजकों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। तेज हवाओं के बीच पुतलों के गिरने का खतरा और खुले में बिजली उपकरणों के संचालन का जोखिम बना हुआ है।
फिलहाल, मध्य प्रदेश के तमाम शहरों में आस्था और उमंग के साथ पर्व की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, लेकिन सभी की निगाहें लगातार बदलते आसमान और मौसम विभाग के अपडेट पर टिकी हुई हैं।






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