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राहुल गांधी बोले— संसद में नहीं रखने दी बात, शाम 6 बजे करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस...

Jul 29
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

नई दिल्ली :- लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल गांधी ने संसद की कार्यवाही के दौरान उन्हें बोलने से रोके जाने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा कर दावा किया कि उन्होंने संसद में दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिया, लेकिन उन्हें अपनी बात पूरी नहीं रखने दी गई।


राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि संसद में उनके भाषण के दौरान उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई का मुद्दा उठाया और उसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति का नाम लिया। उनका आरोप है कि इसके बाद भाजपा सांसदों ने उन्हें बोलने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह अपनी बात जनता के सामने जरूर रखेंगे। अपने संदेश में राहुल गांधी ने घोषणा की कि वह आज शाम छह बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। उन्होंने कहा कि संसद में जो बातें उन्हें कहने नहीं दी गईं, उन्हें वह प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश के सामने रखेंगे। उनके अनुसार, संसद में माइक बंद किया जा सकता है, लेकिन छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।


राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा, "आज संसद में मेरे भाषण के दौरान मैंने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके जिम्मेदार का नाम लिया, गृह मंत्री अमित शाह। मुझे बीजेपी ने बोलने नहीं दिया। आज शाम छह बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा और वो सब कहूंगा जो सदन में कहने नहीं दिया गया। माइक बंद कर सकते हैं, छात्रों की गूंज नहीं।" राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब संसद में एंटी पेपर लीक बिल समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चल रही है। इससे पहले भी राहुल गांधी ने सदन में छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने कहा था कि देश के युवाओं की आवाज को सुना जाना चाहिए और छात्रों के आंदोलन को सम्मान मिलना चाहिए। संसद के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक लगातार देखने को मिल रही है।


कई बार विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं दिया जाता, जबकि सरकार का कहना रहा है कि सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार संचालित की जाती है और सभी सदस्यों को संसदीय प्रक्रिया के तहत बोलने का अवसर मिलता है। राहुल गांधी की प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि वह छात्रों के मुद्दे, संसद में हुई कार्यवाही और केंद्र सरकार पर लगाए गए अपने आरोपों को विस्तार से रख सकते हैं।


हालांकि, उनके आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी या गृह मंत्रालय की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के भीतर उठे इस विवाद का असर सदन के बाहर भी देखने को मिल सकता है, क्योंकि छात्र आंदोलन, प्रतियोगी परीक्षाएं और युवाओं से जुड़े मुद्दे इस समय राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख विषय बने हुए हैं। अब सभी की नजर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और उस पर आने वाली राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर टिकी है।

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