पकड़ा गया प्यारे मियां: विदेश भागने की बड़ी साज़िश नाकाम....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:- भोपाल की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण से जुड़े गंभीर मामले में मुख्य आरोपी प्यारे मियां को 10 बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 78 वर्षीय प्यारे मियां पर अदालत ने 77.64 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में उसकी सहयोगी राबिया बी को भी दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए इसे बेहद क्रूर और असहनीय कृत्य करार दिया।
नौकरी और वेतन का देता था लालच
मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, प्यारे मियां पर वर्ष 2014 से नाबालिग बच्चियों का शोषण करने के आरोप थे। वह बच्चियों को नौकरी दिलाने का भरोसा देता था और इसके बदले हर महीने 10 हजार रुपये वेतन देने की बात कहता था। परिवारों का विश्वास हासिल करने के लिए वह उनके घर भी जाता था। आरोप है कि वह बच्चियों को नशीले पदार्थों का सेवन कराकर उनका यौन शोषण करता था।
हिडन कैमरों से रिकॉर्डिंग कर करता था ब्लैकमेल
यह मामला वर्ष 2020 में सामने आया था, जब रातीबड़ पुलिस को गश्त के दौरान नशे की हालत में पांच नाबालिग बच्चियां मिली थीं। पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि उन्हें जन्मदिन मनाने के बहाने बुलाया गया था, जहां उन्हें शराब पिलाकर यौन शोषण किया गया। इसके बाद पुलिस ने शाहपुरा स्थित विष्णु हाईटेक सिटी के एक फ्लैट की जांच की, जहाँ से आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। जांच में सामने आया कि फ्लैट में हिडन कैमरे लगाकर बच्चियों की रिकॉर्डिंग की जाती थी और इन वीडियो के जरिए पीड़िताओं को ब्लैकमेल किया जाता था। बच्चियों को धमकाने के लिए पिस्तौल का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई थी।
विदेश भागने की फिराक में था आरोपी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्यारे मियां देश छोड़कर विदेश भागने की तैयारी में था। जांच एजेंसियों ने उसकी तलाश के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। वह भोपाल से इंदौर पहुंचा, अपनी गाड़ी आष्टा में छोड़ी और फिर दिल्ली के रास्ते जम्मू-कश्मीर पहुंचा, जहाँ से उसे गिरफ्तार किया गया।
अवैध संपत्तियों पर भी हुई थी कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने प्यारे मियां की कथित अवैध संपत्तियों के खिलाफ भी बुलडोजर कार्रवाई की थी। विशेष पॉक्सो अदालत का यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ अपराधों की गंभीरता को रेखांकित करता है।






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