अवैध सागौन परिवहन मामले में जब्त पिकअप राजसात करने की तैयारी...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :- अंबिकापुर :- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में अवैध सागौन चिरान परिवहन के एक पुराने मामले में वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए जब्त किए गए पिकअप वाहन को शासन के पक्ष में राजसात (Confiscate) करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। करीब तीन साल पहले विभाग ने बिना वैध दस्तावेजों के सागौन लकड़ी के परिवहन के आरोप में एक महिंद्रा पिकअप वाहन को पकड़ा था। अब विभाग ने वाहन पर मालिकाना हक या अन्य वैध हित रखने वाले व्यक्ति/संस्था को अपना दावा पेश करने के लिए सार्वजनिक सूचना (नोटिस) जारी की है। नोटिस के मुताबिक, संबंधित पक्ष प्रकाशन की तारीख से 30 दिनों के भीतर जरूरी दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रख सकते हैं।
क्या है पूरा मामला? (3 मार्च 2023 की घटना)
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला 3 मार्च 2023 का है। उस दिन सुबह करीब 9:15 बजे, वन परिक्षेत्र अंबिकापुर के अंतर्गत गश्त कर रही टीम ने आरक्षित वन क्षेत्र क्रमांक आरएफ 2581 (गाड़ाघाट मगरडोडा) के पास एक सफेद रंग की महिंद्रा पिकअप को पकड़ा था।
जब्ती का विवरण: वाहन में सागौन चिरान के 40 नग लदे हुए थे, जिनकी कुल मात्रा 0.567 घनमीटर थी।
दस्तावेजों की कमी: लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज पेश न किए जाने पर वन कर्मचारियों ने पिकअप (पंजीयन क्रमांक CG 13Y 2651) और सागौन चिरान को जब्त कर लिया।
कार्रवाई: वाहन और लकड़ी को अंबिकापुर स्थित काष्ठागार डिपो में सुरक्षित रखवाकर भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा संबंधित नियमों के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया था।
वाहन मालिक की लगातार लापरावाही और नोटिस-
मामले में वन परिक्षेत्राधिकारी ने 21 सितंबर 2023 को ही वाहन और वनोपज को राजसात करने का प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया था। इसके बाद वाहन स्वामी को कई बार व्यक्तिगत रूप से नोटिस भेजकर अपना पक्ष रखने और गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर दिया गया था-
विभाग द्वारा वाहन स्वामी को 12 जनवरी 2024, 14 मई 2024, 22 जुलाई 2024, 18 नवंबर 2024, 14 फरवरी 2025 और 26 मई 2025 को पत्र भेजे गए थे, जिसकी प्राप्ति की रसीद भी विभाग के पास मौजूद है।
इसके बावजूद वाहन मालिक निर्धारित तारीखों पर प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ।
पिकअप मालिक को अंतिम चेतावनी और 30 दिन की समयसीमा-
बार-बार बुलाए जाने के बाद भी पेश न होने पर अब वन विभाग ने सार्वजनिक इश्तहार जारी किया है। विभाग के अनुसार, यदि जब्त पिकअप वाहन पर किसी व्यक्ति या संस्था का वैध स्वामित्व है, तो वे नोटिस प्रकाशन से 30 दिनों के भीतर निर्धारित कार्यालयीन समय में प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर स्वामित्व से जुड़े सभी वैध दस्तावेज पेश कर सकते हैं। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर कोई दावा प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो समय समाप्त होने के बाद दावों को स्वीकार नहीं किया जाएगा और वाहन को पूरी तरह से शासन के पक्ष में राजसात कर लिया जाएगा। #Ambikapur #Chhattisgarh #ForestDepartment #IllegalTimber #TeakWood #VehicleSeizure #Confiscation #ForestCrime #PublicNotice #TimberSmuggling #breakingADNnews






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