छत्तीसगढ़ में सियासी पारा चढ़ा: कांग्रेस ने सरकार की विदेश यात्राओं और निवेश दावों पर उठाए तीखे सवाल...
निवेश के नाम पर मुख्यमंत्री, अधिकारी जनता के धन विदेश यात्रा में फूंक रहे - कांग्रेस...
पिछले विदेश दौरों पर कितना निवेश आया सरकार सार्वजनिक करे...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर: प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सरकार के विदेश दौरों और औद्योगिक निवेश के दावों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि विदेश दौरों के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई की फिजूलखर्ची की जा रही है, जिसका जमीनी स्तर पर कोई नतीजा सामने नहीं आया है।
विदेशी दौरों से जनता को क्या मिला ? सरकार दे हिसाब -
कांग्रेस का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हुए जापान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर के दौरों के बाद भी राज्य को कोई ठोस फायदा नहीं मिला है। इसके साथ ही, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और उपमुख्यमंत्री अरुण साव के अमेरिका दौरों का ब्योरा मांगते हुए कहा गया है कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन यात्राओं पर कितना खर्च हुआ और इसके एवज में छत्तीसगढ़ को वास्तविक रूप से कितना निवेश प्राप्त हुआ।
एमओयू और धरातल की सच्चाई में बड़ा अंतर -
कांग्रेस ने सरकार की ओर से पेश किए जा रहे आंकड़ों पर सवालिया निशान लगाया है। पार्टी के अनुसार, अगस्त 2025 में 8.65 लाख करोड़ और मार्च 2026 में सीएसआईडीसी द्वारा 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू के दावे किए गए, लेकिन पौने तीन साल बीत जाने के बाद भी धरातल पर न तो कोई नई फैक्ट्री लगी और न ही युवाओं को रोजगार मिला। सिर्फ कागजी एमओयू और जमीन आवंटन से राज्य का विकास संभव नहीं है।
उद्योग नीति और अडानी के एकाधिकार पर घेराव -
वंदना राजपूत ने कहा कि बिना ठोस उद्योग नीति, श्रम सुधारों और पारदर्शी नीतियों के विदेशी निवेशकों को आकर्षित नहीं किया जा सकता। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया गया है कि छत्तीसगढ़ के संसाधनों और उद्योगों का फायदा सिर्फ चुनिंदा उद्योगपतियों, विशेषकर अडानी समूह को पहुंचाया जा रहा है। कोल इंडिया और एसईसीएल की खदानों के खनन कार्यों को दबावपूर्वक सौंपे जाने का हवाला देते हुए कहा गया कि भाजपा के लिए विकास का अर्थ केवल एक उद्योगपति का हित साधना रह गया है।






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