दुर्ग में नवरात्रि और गरबा आयोजनों को लेकर पुलिस सख्त: सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए जारी किए गए 10 कड़े निर्देश...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आगामी नवरात्रि और दुर्गा उत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम दुर्ग में दुर्गा पंडाल और गरबा आयोजकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 150 से अधिक मध्यम एवं बड़े दुर्गा पंडालों और गरबा आयोजनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उत्सव के दौरान सुरक्षा, यातायात और अनुशासन से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने आयोजन स्थलों के लिए निम्नलिखित 10 बड़े निर्देश जारी किए हैं:
सुरक्षा मानक और प्रवेश-निकास: दुर्गा पंडालों का निर्माण निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना चाहिए। पंडालों में प्रवेश और निकास के लिए पर्याप्त तथा सुरक्षित रास्ते बनाए जाएं ताकि भीड़ बढ़ने पर कोई असुविधा न हो।
अग्नि सुरक्षा और ऑडिट: पंडालों में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखें। साथ ही, अग्नि और विद्युत सुरक्षा ऑडिट कराना आवश्यक है।
विद्युत सुरक्षा और वायरिंग: बिजली के तारों, कनेक्शन, लाइटिंग और अन्य उपकरणों की अच्छी तरह जांच करवा लें। खुले तारों, असुरक्षित विद्युत जोड़ों और ओवरलोडिंग से बचें। जरूरत पड़ने पर अधिकृत तकनीशियन की मदद लें।
भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट): संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रवेश और निकास की सुव्यवस्थित व्यवस्था करें तथा पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक (वॉलंटियर) तैनात रखें, ताकि भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सके।
यातायात और पार्किंग व्यवस्था: आयोजन स्थलों के आसपास वाहन पार्किंग की उचित व्यवस्था हो, जिससे सड़कों पर अनधिकृत पार्किंग न हो। एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और पुलिस सहायता के लिए रास्ते पूरी तरह खुले रहने चाहिए।
ध्वनि विस्तारक यंत्र और डीजे नियम: डीजे और साउंड सिस्टम का संचालन तय समय, अनुमेय ध्वनि सीमा और वैधानिक दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
गरबा आयोजनों में कड़ी निगरानी: गरबा पंडालों के प्रवेश और निकास द्वारों पर विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, विवाद या अव्यवस्था की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए।
अनिवार्य अनुमतियां और एसओपी: सभी आयोजक प्रशासन, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमतियां समय पर प्राप्त कर लें। बैठक के दौरान सभी को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी वितरित की गई है।
आपातकालीन तैयारी: एम्बुलेंस और दमकल वाहनों के लिए सुगम रास्ते सुनिश्चित करें तथा संबंधित अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं के संपर्क नंबर हमेशा अपने पास रखें।
सतर्कता और नागरिक सहयोग: आयोजन स्थलों पर पर्याप्त रोशनी और निगरानी रखी जाए। किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अफवाहों से बचने के लिए नागरिकों का सहयोग लें।
इस बैठक में एएसपी सिटी, एएसपी ट्रैफिक कौशलेन्द्र पटेल, सीएसपी भिलाई नगर, एसडीएम भिलाई सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे नवरात्रि और दुर्गा उत्सव के दौरान शांति, कानून-व्यवस्था और यातायात नियमों का पालन करने में पुलिस का पूरा सहयोग करें।
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