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PM मोदी का युवाओं से आह्वान, बोले- विकसित भारत के लक्ष्य में आपकी भूमिका सबसे अहम......

Aug 8
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए देश की युवा पीढ़ी पर भरोसा जताया और कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने छात्रों से कहा कि आने वाले 25 से 30 वर्षों में वे जो भी फैसले लेंगे, उनका सीधा असर भारत की विकास यात्रा पर पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने युवाओं से देश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम करने, लगातार सीखते रहने और नई चुनौतियों का समाधान खोजने का आह्वान किया।


आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन ऐसे समय में हुआ, जब देश की राजनीति में युवाओं और नई पीढ़ी को लेकर चर्चा तेज है। हाल के जंतर मंतर प्रदर्शन के बाद राजनीतिक दलों की नजर युवा वर्ग पर और ज्यादा केंद्रित हुई है। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं को देश के भविष्य का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि भारत को उनकी प्रतिभा, ऊर्जा और नए विचारों की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि हर पीढ़ी की अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी होती है और युवाओं को अपने समय की चुनौतियों को समझकर देश के सर्वांगीण विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में युवाओं के फैसले केवल उनके व्यक्तिगत भविष्य को प्रभावित नहीं करेंगे, बल्कि देश की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने छात्रों से सवाल करने और स्थापित मान्यताओं को चुनौती देने की आदत बनाए रखने की अपील की। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केवल सवाल पूछना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समस्याओं का समाधान तलाशने का साहस भी होना चाहिए।


पीएम मोदी ने तेजी से बदलती दुनिया में टेक्नोलॉजी की भूमिका पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक शक्ति संतुलन तेजी से तकनीकी बदलावों से प्रभावित हो रहा है। तकनीक में हो रही प्रगति के कारण दुनिया की रणनीतिक परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं और आने वाले 20 से 30 वर्षों में दुनिया किस रूप में होगी, इसका निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल है। ऐसे समय में वही लोग सफल होंगे जो लगातार सीखते रहेंगे और बदलती परिस्थितियों के साथ खुद को ढालेंगे।


प्रधानमंत्री ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक, तकनीकी और औद्योगिक आत्मनिर्भरता विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि भारत को चिप से लेकर शिप तक विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा। प्रधानमंत्री ने ड्रोन तकनीक का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के युवा इस क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर रहे हैं। कृषि, दवाइयों की डिलीवरी, रक्षा और सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है।


उन्होंने छात्रों को रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे आने के लिए भी प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में युवाओं को शोध के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के जरिए प्रतिभाशाली युवाओं को शोध का अवसर दिया जा रहा है। इसके अलावा नए विचारों को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन से जुड़ी योजनाएं भी शुरू की गई हैं। पीएम मोदी ने कहा कि विज्ञान और रिसर्च को नई गति देने के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की गई है।


उन्होंने यह भी बताया कि रिसर्च सेक्टर में करीब एक लाख करोड़ रुपये तक की फंडिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ जैसी पहल के माध्यम से वैश्विक शोध पत्रिकाओं और रिसर्च जर्नल्स तक देश के छात्रों और शोधकर्ताओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। दीक्षांत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आईआईटी दिल्ली के मेधावी छात्रों को विभिन्न पदकों से सम्मानित किया। इनमें राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक, शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक और परफेक्ट टेन स्वर्ण पदक शामिल रहे। समारोह में 587 पीएचडी शोधकर्ताओं और 3,000 से अधिक छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने छात्रों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश को उनकी क्षमताओं पर भरोसा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने ज्ञान और तकनीकी कौशल का इस्तेमाल केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि देश की जरूरतों को पूरा करने और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए भी करें। प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट था कि आने वाले दशकों में भारत की विकास यात्रा की कमान युवा पीढ़ी के हाथों में होगी और उनकी सोच, नवाचार तथा फैसले देश के भविष्य को आकार देंगे।

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