बागेश्वर धाम से संबंधों पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिया स्पष्ट बयान......

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ -
मध्य प्रदेश के छतरपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। छतरपुर के राजनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोड़ा गांव में शालिग्राम गर्ग और उनके साथियों पर सरेआम गोली चलाने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शालिग्राम गर्ग समेत 4 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच भी शुरू कर दी है।
पूरा विवाद -
यह पूरा बवाल एक जमीन के टुकड़े को लेकर हुआ है। आरोप है कि जमीन के इसी विवाद में शालिग्राम गर्ग अपने कुछ साथियों के साथ कोड़ा गांव के रहने वाले मोतीलाल कुशवाहा से भिड़ गए। बात इतनी आगे बढ़ गई कि शालिग्राम पक्ष की तरफ से सीधे फायरिंग शुरू कर दी गई। इस जानलेवा हमले में मोतीलाल कुशवाहा बाल-बाल बचे है। बताया जा रहा है कि गोलियां उनके सिर और कान को छूते हुए निकल गई, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। इस मामले में यह भी चर्चा है कि एक गोली अभी भी पीड़ित के शरीर में फंसी हुई है, हालांकि डॉक्टर की अंतिम मेडिकल रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान - 'मेरा उनसे कोई लेना-देना नहीं'
इस पूरे घटनाक्रम में जैसे ही शालिग्राम गर्ग का नाम सुर्खियों में आया, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तुरंत सामने आकर इस मामले पर अपनी स्थिति साफ कर दी। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि उनका शालिग्राम गर्ग से अब कोई रिश्ता नहीं है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, "मैंने दो साल पहले ही सबके सामने यह बात साफ कर दी थी कि मेरा उनसे कोई संबंध नहीं है। कानून इस पूरे मामले में बिना किसी दबाव के सख्त से सख्त कार्रवाई करें। मेरा नाम बेवजह इस विवाद के साथ न घसीटा जाए।" बागेश्वर धाम सरकार के इस बयान के बाद ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही कार्रवाई और तेज हो जाएगी। साथ ही, पीड़ित को जल्द से जल्द न्याय मिलेगा।






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