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आईपी एक्सटेंशन रामलीला में पीएम मोदी करेंगे शिरकत, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े पहरे...

5 hours ago
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

बुराई पर अच्छाई की शाश्वत जीत का पर्व विजयादशमी आज पूरे देश में अत्यंत उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी दिल्ली में भी इस पावन अवसर को लेकर उत्सव का माहौल है। इसी कड़ी में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित उत्सव ग्राउंड में सजने वाले मुख्य समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लेंगे। 'इंद्रप्रस्थ रामलीला कमेटी' के बैनर तले आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में पीएम के हाथों प्रतीकात्मक रावण दहन संपन्न होगा, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद कर दी गई है।


भारतीय संस्कृति में यह पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि धर्म और सदाचार की स्थापना का संदेश देने वाला प्रेरणास्त्रोत है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला यह उत्सव सत्य और न्याय के मार्ग पर अडिग रहने का अहसास कराता है। पूर्वी दिल्ली के इस प्रमुख मैदान में होने वाले आयोजन में पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए सनातन संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी, जहां प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति इस आयोजन के महत्व को और बढ़ाएगी।


हिंदू सनातन परंपरा के अनुसार, त्रेतायुग में इसी विशिष्ट तिथि पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने अहंकार के प्रतीक लंकापति रावण का संहार कर माता सीता को मुक्ति दिलाई थी। विद्वान और बलशाली होने के बावजूद रावण का पतन इस बात का जीवंत उदाहरण है कि अज्ञान और अहंकार का अंत निश्चित है। इसके साथ ही, यह दिन जगत जननी मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध से भी जुड़ा है, जो शक्ति और साहस के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। पुतलों के दहन की यह परंपरा केवल एक बाहरी कर्मकांड नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को अपने भीतर छिपे क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसी नकारात्मक वृत्तियों को समाप्त करने की प्रेरणा देती है।


देशभर में विजयादशमी के रंग अलग-अलग हो सकते हैं, परंतु अंततः हर जगह का उद्देश्य सत्य की विजय का उत्सव मनाना ही है। उत्तर भारत के विशाल मेलों और रामलीला मंचनों से लेकर दक्षिण और पूर्व की अनूठी परंपराओं तक, यह पर्व समाज को एकजुट करने का बड़ा माध्यम बनता है। महानगरों से लेकर गांवों तक लगने वाले मेलों में परिवारों का जुटना और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं देना हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखता है। आधुनिक दौर की भागदौड़ के बीच भगवान राम के आदर्श और कर्तव्यपरायणता के मूल्य आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने पहले थे। आईपी एक्सटेंशन का यह ऐतिहासिक आयोजन इसी प्रेरणा को नई ऊर्जा देने का काम करेगा, जो हर नागरिक को सत्य और सदाचार की राह पर आगे बढ़ने का संदेश देता है।

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