फर्जी सर्पदंश मामलों में 7 वर्तमान व पूर्व तहसीलदारों को नोटिस...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
बिलासपुर : - छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुए बहुचर्चित 17 करोड़ रुपये के सर्पदंश मुआवजा घोटाले में प्रशासनिक शिकंजा कसता जा रहा है, जिसमें अब 7 वर्तमान और पूर्व तहसीलदारों को नोटिस जारी कर पूछताछ की जा रही है। सामान्य मौतों को सर्पदंश बताकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए यह राशि हड़पी गई थी। बहुचर्चित सर्पदंश मुआवजा वितरण घोटाले की जांच में सरकंडा पुलिस ने सात वर्तमान और पूर्व तहसीलदारों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा है |
पुलिस ने यह नोटिस व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे हैं, लेकिन नोटिस मिलने के बावजूद अब तक कोई भी अधिकारी बयान देने नहीं पहुंचा है | पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अधिकारियों से पूछताछ के बाद कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं | जरूरत पड़ने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी |
घोटाले से जुड़े मुख्य बिंदु -
घोटाले की राशि - लगभग 17.24 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।
अब तक की कार्रवाई - डॉक्टर, वकील, होमगार्ड और तहसील के तीन लिपिकों सहित लगभग 19 से अधिक लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
तहसीलदारों की भूमिका - मुआवजा स्वीकृत करने की प्रक्रिया की जांच के तहत 7 अधिकारियों को जांच के दायरे में रखा गया है।






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