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भ्रष्टाचार की नई तस्वीर: छोटे कामों पर भी रिश्वत, रकम पहुंची लाख के पार...

Sep 3
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

धर्मशाला :- हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार और घूसखोरी के बढ़ते मामलों ने सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कभी पांच या दस हजार रुपये की रिश्वत से जुड़े मामले सामने आते थे लेकिन अब कथित तौर पर रिश्वत की मांग एक लाख रुपये तक पहुंचने लगी है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि भ्रष्टाचार का यह दायरा केवल बड़े शहरों और मैदानी इलाकों तक सीमित नहीं रहा बल्कि प्रदेश के दुर्गम और जनजातीय जिलों तक भी पहुंचता दिखाई दे रहा है।


सरकारी कार्यालयों में आम लोगों के छोटे-बड़े काम के बदले रिश्वत मांगने के आरोप लगातार व्यवस्था की साख पर असर डाल रहे हैं। पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सरकारी कार्यालय तक पहुंचना ही आसान नहीं होता। लंबी दूरी तय करने और कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद अगर उनसे काम के बदले पैसे मांगे जाएं तो परेशानी और बढ़ जाती है। हाल के समय में विजिलेंस की कार्रवाई और रिश्वत लेते कर्मचारियों-अधिकारियों की गिरफ्तारी के मामलों ने इस समस्या को फिर चर्चा में ला दिया है।


रिश्वत की रकम में बढ़ोतरी भी चिंता का विषय बनी हुई है। पांच हजार और दस हजार रुपये से शुरू होने वाली कथित मांग अब कुछ मामलों में लाख रुपये के स्तर तक पहुंचने के आरोप सामने आ रहे हैं। भ्रष्टाचार का असर सीधे आम नागरिक पर पड़ता है। जमीन से जुड़े दस्तावेज हों सरकारी अनुमति हो किसी योजना का लाभ लेना हो या अन्य प्रशासनिक काम अगर निर्धारित प्रक्रिया के बजाय पैसे के आधार पर काम होने लगे तो सबसे ज्यादा नुकसान जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को होता है।


दुर्गम जिलों में स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जाती है क्योंकि वहां लोगों के पास सरकारी सेवाओं के विकल्प सीमित होते हैं। प्रशासनिक कार्यालय दूर होने और परिवहन की कठिनाइयों के कारण शिकायत दर्ज कराने में भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी निगरानी और शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई बेहद जरूरी हो जाती है। सरकार और जांच एजेंसियों के सामने अब चुनौती केवल रिश्वत लेते लोगों को पकड़ने की नहीं बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाने की भी है जिसमें आम नागरिक को अपने वैध काम के लिए किसी बिचौलिए या कर्मचारी को अतिरिक्त रकम देने की जरूरत ही न पड़े।


डिजिटल सेवाओं का विस्तार पारदर्शी प्रक्रिया और शिकायत प्रणाली को मजबूत करना इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। लगातार सामने आते मामलों के बीच संदेश साफ है कि भ्रष्टाचार चाहे किसी बड़े शहर में हो या हिमालय के किसी दुर्गम इलाके में उस पर समान सख्ती से कार्रवाई जरूरी है। सरकारी सेवाओं पर जनता का भरोसा तभी मजबूत होगा जब काम नियम और अधिकार के आधार पर हों रिश्वत के आधार पर नहीं।

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