मानसिक स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता: शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित हुई विशेष कार्यशाला...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-
रायपुर: चिकित्सकीय पढ़ाई के दबाव और भागदौड़ भरी जीवनशैली के बीच मानसिक सेहत को प्राथमिकता देना कितना जरूरी है, इसी बात को रेखांकित करते हुए राजधानी के शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर एक प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य केंद्र-बिंदु स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) के भावी डॉक्टरों को तनावमुक्त और संतुलित दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के समन्वयक आर. के. दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा क्षेत्र की उच्च अध्ययन प्रणाली और कामकाजी तनाव अक्सर मानसिक थकान का कारण बनते हैं। ऐसे में शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे न सिर्फ अपने मानसिक स्वास्थ्य का खयाल रखें, बल्कि समाज से इस विषय से जुड़ी भ्रांतियों को मिटाने में भी अपनी अहम भागीदारी निभाएं।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को अकादमिक और करियर के दबाव से निपटने के व्यावहारिक उपाय सुझाए। इसके साथ ही, दैनिक दिनचर्या में योग, ध्यान (Meditation) और संवाद कौशल (Communication Skills) को शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों ने भी सत्र में उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हुए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की।






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