महापौर मीनल चौबे ने रामकी कंपनी को लगाई फटकार, 'काम नहीं तो भुगतान नहीं' की चेतावनी...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर: राजधानी रायपुर में दीपावली के पावन पर्व से पहले शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, जिसे लेकर नगर निगम प्रशासन सख्त हो गया है। महापौर मीनल चौबे ने सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर अनुबंधित एजेंसी 'रामकी कंपनी' के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि शहर में समय पर और सही ढंग से सफाई नहीं हुई, तो कंपनी के खिलाफ अनुबंध की शर्तों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में बड़ी चूक महापौर ने निरीक्षण और समीक्षा के दौरान पाया कि शहर के कई हिस्सों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इसका मुख्य कारण रामकी कंपनी द्वारा डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का कार्य शत-प्रतिशत क्षेत्रों में नियमित रूप से न होना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहर में जहां भी कचरे के ढेर हैं, उन्हें तुरंत उठवाया जाए ताकि दीपावली से पहले राजधानी पूरी तरह से साफ-सुथरी और सुंदर नजर आए।

"काम नहीं तो भुगतान नहीं" का नियम सख्त रुख अपनाते हुए महापौर ने स्पष्ट किया है कि निगम प्रशासन 'काम नहीं तो भुगतान नहीं' की नीति पर काम करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सफाई कार्यों का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरीफिकेशन) करने के बाद ही बिलों के भुगतान पर विचार करें। यदि बिना काम के किसी भी प्रकार का भुगतान किया जाता है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी खुद जिम्मेदार माने जाएंगे। इसके साथ ही, अधिकारियों को नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।
इस समीक्षा बैठक के दौरान नगर निगम के अपर आयुक्त स्वास्थ्य विनोद पाण्डेय, कार्यपालन अभियंता स्वच्छ भारत मिशन योगेश कुमार कडु, उपअभियंता कृष्णा राठी सहित रामकी कंपनी के एरिया मैनेजर श्रीकांत, गंगा और भास्कर आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।






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