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मलेरिया का बढ़ा प्रकोप, उदयपुर के पहाड़ी गांवों में 39 मरीज मिले...

Aug 8
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

सरगुजा :- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में बारिश के मौसम के बीच मलेरिया का प्रकोप बढ़ता दिखाई दे रहा है। उदयपुर विकासखंड के जंगल और पहाड़ी इलाकों से लगे कई गांवों में अब तक 39 लोगों के मलेरिया से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। प्रभावित मरीजों में बड़ी संख्या विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और पंडो समाज के लोगों की बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पहुंचकर मरीजों की जांच और उपचार कर रही है। उदयपुर विकासखंड के मतरिंगा, खर्रानगर, मुसर डांड, मुकना पहाड़, बारो पहाड़, बकोई और सेमी घोघरा जैसे गांवों में मलेरिया के मरीज सामने आए हैं।


ये सभी गांव घने जंगलों, नदी-नालों और पहाड़ी इलाकों से घिरे हुए हैं। इन क्षेत्रों में पहुंच मार्ग भी काफी कठिन और दुर्गम है। बारिश के दौरान ग्रामीण इलाकों में आवागमन और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच की चुनौती और बढ़ जाती है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित गांवों तक पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जानकारी के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर के चिकित्सकों ने 26 जुलाई 2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी यानी CMHO को एक रिपोर्ट भेजी थी। इस रिपोर्ट में 31 लोगों के मलेरिया संक्रमित होने की पुष्टि की गई थी। इसके बाद प्रभावित गांवों में जांच का दायरा बढ़ाया गया और मरीजों की संख्या में आठ और मरीजों की बढ़ोतरी हुई। अब उदयपुर क्षेत्र में मलेरिया संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 39 हो गई है।


स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, संक्रमित मरीजों की उम्र में भी काफी अंतर है। इनमें करीब डेढ़ वर्ष के छोटे बच्चे से लेकर 60 वर्ष की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि मलेरिया का संक्रमण अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर रहा है। मरीजों की पहचान होने के बाद सभी का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार शुरू कर दिया गया है। मरीजों के उपचार के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग प्रभावित गांवों में निगरानी भी बढ़ा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीएस मार्को, एसडीएम रामराज सिंह और मलेरिया पर्यवेक्षक श्रवण श्रीवास सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार प्रभावित गांवों का दौरा कर रही है। टीम मौके पर पहुंचकर मरीजों की स्थिति की जानकारी लेने के साथ नए मामलों की पहचान और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता का जायजा ले रही है।


ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के दौरान मच्छरों की संख्या बढ़ने के कारण मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। जंगल और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए यह चुनौती और गंभीर हो सकती है। विशेष रूप से ऐसे गांव जहां स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, वहां समय पर जांच और उपचार जरूरी हो जाता है। उत्तर छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी बारिश के मौसम में मौसमी बीमारियों के मामले सामने आते रहे हैं।


बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर, वाड्रफनगर और कुसमी क्षेत्रों के कई गांवों में हर साल बारिश के दिनों में लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आते हैं। इसी तरह सूरजपुर जिले के ओड़गी और भैयाथान ब्लॉक के कई गांव भी बारिश के दौरान प्रभावित होते हैं। अब उदयपुर के पहाड़ी इलाकों में मलेरिया के मामलों में वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ाई है।

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