दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना ही सच्ची सेवा: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा.....
कवर्धा में निःशुल्क विशाल दिव्यांग उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ..
कृत्रिम अंग पाकर खिले दिव्यांगों के चेहरे, जीवन में लौटा आत्मविश्वास...

जयपुर से आई विशेषज्ञ टीम मौके पर ही तैयार कर रही है कृत्रिम अंग...
बस्तर में आईईडी ब्लास्ट पीड़ितों तक भी पहुंचेगी यह सेवा...
पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
कवर्धा/रायपुर: जिन हाथों ने वर्षों से किसी का सहारा लिया था, आज वे खुद गिलास उठाकर पानी पी रहे थे। जिन पैरों ने कभी साथ छोड़ दिया था, वे कृत्रिम पैर लगने के बाद बाइक दौड़ा रहे थे। कबीरधाम जिले के पीजी कॉलेज डोम कवर्धा में बुधवार को दिखा यह दृश्य सिर्फ एक शिविर की तस्वीर नहीं थी, बल्कि दिव्यांगजनों के जीवन में लौटती उम्मीद और आत्मनिर्भरता की एक नई शुरुआत थी।

इस मार्मिक बदलाव के बीच उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा दिव्यांगजनों के बीच पहुंचे और निःशुल्क विशाल दिव्यांग उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने हाथों से हितग्राहियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किए। यह शिविर भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर, सकल जैन समाज, भारतीय जैन संगटना (छत्तीसगढ़) और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें करीब एक हजार दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ है।

उपकरण नहीं, यह आत्मनिर्भर जीवन की शुरुआत है -
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शिविर में दिव्यांगजनों से आत्मीय मुलाकात की और उन्हें कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स और ट्राइसाइकिल सहित उनकी जरूरत के अनुसार उपकरण सौंपे। उपकरण प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। एक हितग्राही ने कृत्रिम पैर की सहायता से बाइक चलाकर दिखाई, वहीं एक अन्य दिव्यांग ने कृत्रिम हाथ से पानी पीकर बताया कि यह उसके दैनिक जीवन को कितना आसान बना देगा।

विजय शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए आयोजित यह शिविर अद्भुत सेवा का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने जैन समाज के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके जीवन में एक ओर समृद्धि और सामाजिक दायित्व है, तो दूसरी ओर त्याग और सेवा की प्रबल भावना भी है। उन्होंने बताया कि इस शिविर में श्रवण, दृष्टि और अस्थि बाधित दिव्यांगजनों को उनके अनुकूल उपकरण दिए जा रहे हैं। ये उपकरण केवल शारीरिक सहारा नहीं हैं, बल्कि ये व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव लाकर उसका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।

बिजली हादसे में गंवाए थे हाथ, आज खुद उठाया गिलास -
उप मुख्यमंत्री ने एक दिव्यांग का उदाहरण देते हुए बताया कि बिजली के तार की चपेट में आने से उसके दोनों हाथ चले गए थे। शिविर में कृत्रिम हाथ मिलने के बाद जब उसने पहली बार अपने हाथ से पानी का गिलास उठाया, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने बताया कि कवर्धा में पिछले तीन-चार वर्षों से ऐसे सेवा कार्य निरंतर हो रहे हैं। इस दौरान उन्होंने राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा मौके पर ही कृत्रिम अंग तैयार करने की प्रक्रिया का भी जायजा लिया।

बस्तर के आईईडी ब्लास्ट पीड़ितों तक पहुंचेगी मदद -
उप मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि इसी तरह के शिविर जल्द ही जगदलपुर और दंतेवाड़ा में भी आयोजित किए जाएंगे। बस्तर के अंदरूनी गांवों में आईईडी विस्फोटों के कारण अपने अंग गंवा चुके लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से ऐसे लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हें भी कृत्रिम अंग लगाकर फिर से अपने पैरों पर खड़ा किया जा सके।

दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने की तैयारी -
दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य दिव्यांगजनों को केवल उपकरण देना नहीं, बल्कि उन्हें कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाना है। रायपुर में एक कौशल विकास केंद्र तैयार किया जा रहा है, जहां विभिन्न ट्रेड के साथ-साथ डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही स्वरोजगार के लिए कम ब्याज दर पर ऋण और अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति -
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका कवर्धा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल, भारतीय जैन संगटना के राष्ट्रीय सचिव पंकज लूकड़, प्रदेश अध्यक्ष विजय गंगवाल, प्रदेश महासचिव सीए विकास गोलछा, सकल जैन संघ कवर्धा के अध्यक्ष नेमीचंद गोलछा, जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ कवर्धा के अध्यक्ष खुशाल टाटिया, सकल जैन संघ कवर्धा के सचिव अतुल देशलहरा तथा स्वास्थ्य एवं शिविर प्रोग्राम के प्रदेश प्रमुख डॉ. अतुल जैन सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

26 सितंबर तक चलेगा शिविर -
यह चार दिवसीय शिविर 23 से 26 सितंबर तक चलेगा। इसमें राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा मौके पर ही कृत्रिम अंग तैयार कर उनकी फिटिंग की जा रही है, जिससे हितग्राहियों को उनके शरीर के सटीक माप के अनुसार उपकरण मिल रहे हैं।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments