google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

डोंगरगढ़ में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: 45 पेटी अवैध शराब और स्कॉर्पियो जब्त, पर शातिर तस्कर हुए फरार....

Oct 3
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

डोंगरगढ़: छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ इलाके में अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसने के लिए आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग ने मध्यप्रदेश निर्मित अंग्रेजी शराब की 45 पेटियों के साथ एक रायपुर पासिंग स्कॉर्पियो वाहन को अपने कब्जे में लिया है। हालांकि, इस सफल जब्ती के बीच एक बड़ा सवाल यह भी खड़ा हो गया है कि पुख्ता सूचना और नाकेबंदी के बावजूद आरोपी मौके से चकमा देकर फरार होने में कैसे कामयाब हो गए?


मुखबिर की सटीक सूचना पर बिछाया गया था जाल

विश्वसनीय सूत्रों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर आबकारी विभाग की टीम ने झिंझारी और मडियान मार्ग के बीच चौकसी बढ़ाते हुए घेराबंदी की थी। कुछ ही देर में संदिग्ध परिस्थिति में आ रही स्कॉर्पियो वाहन को टीम ने रोक लिया। जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो उसके भीतर मध्यप्रदेश में बनी अंग्रेजी शराब की 45 पेटियां बरामद हुईं। विभाग ने तुरंत अवैध शराब और परिवहन में प्रयुक्त स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया, लेकिन कार्रवाई के ठीक दौरान वाहन सवार आरोपी अंधेरे या मौका पाकर वहां से भाग निकले।


तैयारी पूरी थी, फिर भी तस्कर कैसे निकले हाथ से?

इस पूरी घटना ने महकमे की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं:


  • जब आबकारी टीम के पास रूट और वाहन की पुख्ता जानकारी पहले से थी, तो घेराबंदी के दौरान आरोपियों को भागने का अवसर कैसे मिला?

  • क्या तस्करों की कोई स्थानीय मदद थी या फिर विभागीय मुस्तैदी में कहीं कोई हल्की चूक रह गई?

  • केवल वाहन और माल छोड़कर तस्करों का फरार होना इस बात की ओर इशारा करता है कि वे बेहद शातिर थे।


शराब तस्करी के पीछे के बड़े नेटवर्क तक पहुंचना चुनौती

केवल 45 पेटी शराब जब्त कर लेना ही इस मामले का अंत नहीं है। जांच एजेंसियों के सामने असली चुनौती यह पता लगाने की है कि यह अवैध खेप मध्यप्रदेश के किस ठिकाने से लोड की गई थी और डोंगरगढ़ या आसपास के किस स्थानीय सरगना को सप्लाई की जानी थी। एक साथ इतनी बड़ी मात्रा में शराब का आना यह साफ जाहिर करता है कि इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट या संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।


फिलहाल, आबकारी विभाग के हाथ सिर्फ माल और गाड़ी लगे हैं, जबकि मुख्य आरोपी पुलिस और आबकारी की पकड़ से दूर हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विभाग केवल वाहन और् शराब की जब्ती पर ही अपनी पीठ थपथपाता है या फिर फरार तस्करों के गिरेबान तक भी हाथ पहुंचा पाता है।

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html