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महिंद्रा XUV में टंकी की क्षमता से 7 लीटर अधिक दर्ज हुआ पेट्रोल, गुडेली के DC पेट्रोल पंप का मामला...

Sep 2
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

सारंगढ़-बिलाईगढ़ :- जिले के गुडेली क्षेत्र स्थित डीसी पेट्रोल पंप पर कार की फ्यूल टंकी की क्षमता से अधिक पेट्रोल भरने का मामला सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया। बंजारी निवासी अनुपम खूंटे अपनी महिंद्रा XUV 3XO में पेट्रोल भरवाने पहुंचे थे। पेट्रोल भरने के बाद मशीन की रीडिंग और बिल में दर्ज मात्रा को देखकर उन्होंने पंप कर्मचारियों से सवाल किया। देखते ही देखते बात बहस और विवाद तक पहुंच गई। ग्राहक अनुपम खूंटे के मुताबिक, उनकी महिंद्रा XUV 3XO की फ्यूल टंकी की क्षमता कंपनी के अनुसार करीब 42 लीटर है। उनका आरोप है कि पेट्रोल पंप की मशीन में कार में 48 लीटर से अधिक पेट्रोल डाले जाने की रीडिंग दिखाई गई। बिल में भी वाहन की बताई गई टंकी क्षमता से करीब 7 लीटर अधिक पेट्रोल दर्ज था।


मशीन की रीडिंग को लेकर उठे सवाल अनुपम खूंटे ने मशीन में दर्ज मात्रा और कार की टंकी की क्षमता के बीच अंतर देखकर पेट्रोल पंप कर्मचारियों से जानकारी मांगी। उन्होंने सवाल किया कि जब वाहन की टंकी की क्षमता करीब 42 लीटर है तो मशीन में 48 लीटर से अधिक पेट्रोल कैसे दर्ज हुआ। इसी बात को लेकर ग्राहक और पंप कर्मचारियों के बीच बहस शुरू हो गई। मामला बढ़ने के बाद पेट्रोल पंप परिसर में काफी देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही। आसपास मौजूद लोग भी मौके पर जुट गए। विवाद बढ़ता देख डायल 112 को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम पेट्रोल पंप पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद ग्राहक और पेट्रोल पंप प्रबंधन से जुड़े लोगों को थाने ले जाया गया। पुलिस ने शिकायत और दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।


पेट्रोल पंप प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार वहीं, पेट्रोल पंप प्रबंधन ने मशीन में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने से इनकार किया है। प्रबंधन का कहना है कि पेट्रोल पंप पर लगी मशीनें निर्धारित मानकों के अनुसार काम कर रही हैं। प्रबंधन के मुताबिक, मशीन की रीडिंग में किसी तरह की तकनीकी समस्या नहीं है। ऐसे में ग्राहक की शिकायत और पंप प्रबंधन के दावे के बीच वास्तविक स्थिति क्या है, यह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस भी मामले की जांच के दौरान मशीन की रीडिंग, बिल और वाहन की फ्यूल टंकी की क्षमता से जुड़े तथ्यों को देख रही है।


तकनीकी जांच की मांग मामले में अनुपम खूंटे ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पेट्रोल पंप की मशीन की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। इससे यह पता चल सकेगा कि वाहन की टंकी की क्षमता और मशीन में दर्ज पेट्रोल की मात्रा में इतना अंतर कैसे आया। उन्होंने संबंधित विभाग से पेट्रोल पंप की मशीन की जांच कराने की मांग भी की है। उनका कहना है कि यदि मशीन में कोई तकनीकी खामी है तो उसे सामने लाया जाना चाहिए और यदि मशीन सही है तो पेट्रोल की मात्रा में अंतर का कारण स्पष्ट होना चाहिए।


नापतौल विभाग की जांच का इंतजार घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी पेट्रोल पंप की मशीनों की तकनीकी जांच कराने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर इस्तेमाल होने वाली मशीनों की नियमित जांच जरूरी है, ताकि ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी न हो। स्थानीय लोगों ने नापतौल विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की। फिलहाल जिले में नापतौल विभाग के अधिकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब पुलिस की जांच और मशीन के तकनीकी परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कार की टंकी की क्षमता और मशीन में दर्ज पेट्रोल की मात्रा में अंतर की वजह क्या थी। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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