कोरबा: पीडीएस के चावल में कंकड़-कीड़े और नमी की शिकायत...
कोरबा: पीडीएस के चावल में कंकड़, कीड़े और नमी की शिकायत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता जायसवाल ने कलेक्टर को लिखा पत्र |
पाली विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में खराब गुणवत्ता का चावल बांटे जाने का आरोप, चावल वापस कराकर गुणवत्तापूर्ण राशन वितरण सुनिश्चित करने की मांग '

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
कोरबा :- कोरबा जिले के पाली विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन दुकानों से वितरित किए जा रहे चावल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। जिला पंचायत कोरबा की उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल ने ग्रामीण क्षेत्रों में खराब गुणवत्ता का चावल वितरित किए जाने की शिकायत करते हुए कलेक्टर को पत्र लिखा है। उन्होंने चावल में कंकड़, कीड़े और अत्यधिक नमी होने का आरोप लगाते हुए इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने 16 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर, जिला कोरबा के नाम अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक 193 जारी कर इस समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि पाली विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पीडीएस के माध्यम से राशन दुकानों में वितरित किए जाने वाले चावल की गुणवत्ता ठीक नहीं है। शिकायत के अनुसार, चावल में कंकड़ और कीड़े पाए जा रहे हैं, वहीं अत्यधिक नमी वाला चावल भी हितग्राहियों को दिए जाने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर-
जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने अपने पत्र में चिंता जताई है कि खराब गुणवत्ता वाले चावल का वितरण ग्रामीण परिवारों के स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को उचित गुणवत्ता का खाद्यान्न उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि राशन दुकानों के माध्यम से दूषित अथवा खराब गुणवत्ता वाला चावल वितरित किया जा रहा है, तो यह गंभीर जांच का विषय है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार सरकारी राशन पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में खाद्यान्न की गुणवत्ता सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। चावल में कंकड़, कीड़े और नमी की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना आवश्यक है।
खराब चावल वापस कराकर नया चावल देने की मांग-
निकिता मुकेश जायसवाल ने कलेक्टर से मांग की है कि खराब गुणवत्ता वाले चावल का वितरण तत्काल बंद कराया जाए। साथ ही, संबंधित चावल को भारतीय खाद्य निगम अथवा राज्य की खाद्य आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े संबंधित निकाय NAN (नान) को वापस कराकर जिले में अच्छी गुणवत्ता वाले चावल का वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली और नान से संबंधित ठेकेदारों के साथ-साथ वितरण प्रक्रिया से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों को भी गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध कराने के निर्देश देने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भी भेजी प्रतिलिपि-
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने अपने पत्र की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और राज्य के मुख्य सचिव को भी भेजी है। दोनों को आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए पत्र प्रेषित किया गया है। इससे स्पष्ट है कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष इस शिकायत पर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई चाहती हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन शिकायत की जांच के लिए क्या कदम उठाता है और संबंधित क्षेत्रों में वितरित किए जा रहे चावल की गुणवत्ता की जांच किस प्रकार कराई जाती है।
जांच और कार्रवाई पर टिकी ग्रामीणों की उम्मीदें-
पाली विकासखंड में खराब गुणवत्ता वाले चावल के वितरण को लेकर की गई इस शिकायत के बाद अब खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। जरूरत है कि संबंधित राशन दुकानों, चावल के भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था की जांच कराई जाए। यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए और प्रभावित हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण चावल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
फिलहाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन की जांच संबंधी जानकारी सामने आना बाकी है। अब सभी की नजरें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
शालिनी न्यूज़ एजेंसी संवाददाता
राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़।
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