पुलिस ने FIR दर्ज की 1.77 करोड़ के घोटाले में, जांच में उठेंगे बड़े सवाल.....
ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

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सरायपाली/महासमुंद। महासमुंद जिले के सरायपाली थाना क्षेत्र में केना सेवा सहकारी समिति और तोरेसिंहा बैंक से जुड़े करीब 1 करोड़ 77 लाख रुपए के कथित KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) ऋण फर्जीवाड़े में पुलिस ने अपराध क्रमांक 0289/26 दर्ज कर लिया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह मामला IPC की धारा 120-B (आपराधिक साजिश), 409 (अमानत में खयानत), 420 (छल), 467, 468, 471 (फर्जी दस्तावेज) के तहत दर्ज किया गया है। FIR दर्ज होते ही मामले की आपराधिक जांच औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।
FIR में किनके नाम ? गिरफ्तारी की स्थिति क्या?
FIR दर्ज होने के बाद सबसे अहम सवाल यह है कि किन-किन लोगों को आरोपी बनाया गया है और उनकी गिरफ्तारी हुई है या वे फरार हैं ?
पूर्व जांच रिपोर्ट में छह लोगों के नाम जिम्मेदार व्यक्तियों के तौर पर सामने आए थे:
भीष्मदेव पटेल – केना सेवा सहकारी समिति के तत्कालीन समिति प्रभारी
श्याम सुंदर पटेल – तोरेसिंहा बैंक के तत्कालीन सुपरवाइजर
राज कुमार प्रधान – वर्तमान सुपरवाइजर
युवराज नायक – बैंक मैनेजर
हीरा सिंह ध्रुव – कनिष्ठ लिपिक
खिलेश्वर साहू – प्रभारी लेखापाल
हालांकि, वर्तमान FIR में इनमें से कौन-कौन आरोपी हैं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। इसलिए पूर्व जांच में सामने आए इन छह नामों को सीधे वर्तमान FIR का आरोपी बताना उचित नहीं होगा।
मृत किसानों के नाम पर भी KCC ऋण ?
जांच के दौरान कई गंभीर पहलू सामने आए हैं, जिनमें शामिल हैं:
मृत किसानों के नाम पर KCC ऋण जारी किया जाना
केना सेवा सहकारी समिति के क्षेत्र से बाहर के किसानों के नाम पर ऋण स्वीकृत होना
कुछ किसानों के नाम पर ऋण तो जारी हुआ, लेकिन उन्हें ऋण की जानकारी ही नहीं थी ।
करीब 1.77 करोड़ रुपए के इस KCC ऋण मामले में बैंक स्तर पर जांच के बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की भी जानकारी सामने आई थी।
6 अगस्त को दिए गए थे FIR के निर्देश -
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपेक्षा व्यास ने 6 अगस्त 2026 को महासमुंद के नोडल अधिकारी को जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। निर्देश में FIR दर्ज कराने के साथ उसकी छायाप्रति मुख्य कार्यालय भेजने को भी कहा गया था। इसके बाद सरायपाली थाने में अपराध क्रमांक 0289/26 दर्ज किया गया।
अब पुलिस जांच में क्या उठेंगे सवाल ?
FIR दर्ज होने के बाद जांच में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है:
मृत किसानों के नाम पर KCC ऋण किस प्रक्रिया से स्वीकृत हुए ?
किसानों के दस्तावेजों का इस्तेमाल किस स्तर पर हुआ ?
ऋण की राशि किस माध्यम से निकाली गई ?
समिति और बैंक स्तर पर दस्तावेजों की जांच किस प्रकार हुई ?
इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की वास्तविक भूमिका रही ?
ऐसे में 1.77 करोड़ रुपए के इस KCC मामले में FIR दर्ज होने के बाद अब जांच आगे बढ़ने का इंतजार है। पुलिस जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही और उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।






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