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भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश: वैश्विक उत्पादन में 8% योगदान......

Aug 17
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

नई दिल्ली: सरकार ने सोमवार को बताया कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है, जो वैश्विक उत्पादन में 8 प्रतिशत का योगदान देता है। साथ ही, भारत एक्वाकल्चर उत्पादन में दूसरे स्थान पर है, झींगा (shrimp) उत्पादन और निर्यात में सबसे आगे है, और कैप्चर फिशरीज (प्राकृतिक जल स्रोतों से मछली पकड़ने) में भी सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। सरकार ने 2015 से इस सेक्टर में टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए कई अहम योजनाओं के ज़रिए कुल 39,272 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इन योजनाओं में 'ब्लू रिवोल्यूशन स्कीम', 'फिशरीज एंड एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड' (FIDF), 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना' (PMMSY) और इसकी सब-स्कीम 'प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना' (PMMKSSY) शामिल हैं।


मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार, मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है। यह सेक्टर लगभग 3 करोड़ मछुआरों और मछली पालकों को आजीविका प्रदान करता है और पूरी वैल्यू चेन में रोज़गार के बड़े अवसर पैदा करता है। मंत्रालय ने आगे कहा कि युवा, मछुआरे और मछली पालक मत्स्य पालन सेक्टर के भविष्य के लिए केंद्र बिंदु हैं। वे आधुनिक एक्वाकल्चर तरीकों, डिजिटल ट्रेसिबिलिटी और कोल्ड-चेन मैनेजमेंट से लेकर वैल्यू एडिशन, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात तक - पूरी वैल्यू चेन में उद्यमशीलता, इनोवेशन और नई ऊर्जा लाते हैं।


उम्मीद है कि उनकी सक्रिय भागीदारी भारत की 'ब्लू इकोनॉमी' के एक अहम स्तंभ के रूप में मत्स्य पालन को और मज़बूत करेगी। खास बात यह है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8 फरवरी 2024 को 'प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना' (PM-MKSSY) को मंज़ूरी दी। यह 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना' (PMMSY) के तहत एक केंद्रीय सब-स्कीम है, जिसे वित्त वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक चार साल की अवधि के लिए लागू किया जाएगा। PM-MKSSY को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा और इसके लिए अनुमानित बजट 6,000 करोड़ रुपये है।


इसका मकसद सेक्टर की कमियों को दूर करना है। इसके लिए वित्तीय और तकनीकी हस्तक्षेप के ज़रिए संस्थागत सुधार किए जाएंगे, ताकि लंबे समय में मत्स्य पालन सेक्टर में बदलाव और विकास को बढ़ावा मिल सके। लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद, मत्स्य पालन विभाग ने PM-MKSSY के लाभार्थियों और उनके जीवनसाथियों के साथ बातचीत का एक कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य उनके योगदान को मान्यता देना और मत्स्य पालन क्षेत्र में सरकारी पहलों के असर को उजागर करना था।

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