शादी के शगुन पर इनकम टैक्स नोटिस, ITAT ने महिला को दी बड़ी राहत...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
व्यापार समाचार :- शादी में रिश्तेदारों से मिलने वाला नकद 'शगुन' कभी आपको इनकम टैक्स के नोटिस में फंसा सकता है? जी हाँ, शादियों में लिफाफे में मिलने वाले कैश को लेकर एक बेहद दिलचस्प और आंखें खोलने वाला मामला सामने आया है, जिसने उन सभी लोगों को चौंका दिया है जो शादी का पैसा बैंक में जमा करते हैं।
यह मामला इंडियन ओवरसीज बैंक में कार्यरत मनीषा मधुकर शतलवार से जुड़ा है। उनकी शादी दिसंबर 2014 में हुई थी। महिला का दावा था कि उन्हें शादी में रिश्तेदारों और दोस्तों से कुल 3 लाख 19 हजार रुपये नकद शगुन के रूप में मिले थे, जिसमें से उन्होंने 3 लाख रुपये बैंक खाते में 50-50 हजार की किस्तों में जमा करके एफडी बनवा ली। लेकिन आयकर विभाग ने इस रकम के स्रोत पर सवाल उठा दिए और पूरे 3 लाख रुपये को महिला की आय मानकर नोटिस थमा दिया।
मामला आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) की पुणे पीठ तक पहुंचा। महिला ने शगुन देने वालों की पूरी सूची कोर्ट के सामने पेश की। ट्रिब्यूनल ने माना कि भारतीय शादियों में नकद उपहार मिलना एक आम परंपरा है। इसके बाद, महिला के पक्ष और पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए कोर्ट ने 2 लाख 75 हजार रुपये का स्पष्टीकरण स्वीकार कर लिया और उन्हें बड़ी राहत दी।
हालांकि, बाकी बचे 25 हजार रुपये के पुख्ता प्रमाण या पुष्टि न मिलने के कारण उस हिस्से पर इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई को बरकरार रखा गया।
कानून के मुताबिक, शादी के अवसर पर मिलने वाले उपहारों पर टैक्स से विशेष छूट मिलती है, जिसकी कोई अधिकतम सीमा नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप किसी भी रकम को बिना रिकॉर्ड के छिपा सकें।
अगर आप भी शादी में मिलने वाले बड़े नकद शगुन को बैंक में जमा कर रहे हैं, तो सुरक्षा के लिए उपहार देने वालों की सूची, शादी का कार्ड और बैंक पर्चियां संभाल कर रखना बेहद समझदारी है। हाँ, शगुन के पैसों पर टैक्स नहीं लगता, लेकिन उन पैसों से मिलने वाला ब्याज (जैसे एफडी का ब्याज) पर टैक्स जरूर देना पड़ सकता है।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments