संसदीय प्राक्कलन समिति की बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाई छत्तीसगढ़ के विकास की आवाज...
रायपुर को इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की मांग, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एस्टिमेट्स कमेटी की बैठक में उठाई छत्तीसगढ़ की आवाज...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
उत्तराखंड के ऋषिकेश में चल रहे संसदीय प्राक्कलन समिति (एस्टिमेट्स कमेटी) के अध्ययन प्रवास के दौरान रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।
डॉ. संजय जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में नागरिक उड्डयन, भारी उद्योग और विद्युत परियोजनाओं की जमीनी समीक्षा की गई, जहां सांसद ने राज्य के हित में कई अहम प्रस्ताव रखे।
रायपुर और बिलासपुर के लिए खास मांगें -
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अधिकारियों के साथ 'उड़ान' योजना की समीक्षा करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल को अब अविलंब अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर जल्द से जल्द नाइट लैंडिंग की सुविधा शुरू करने की मांग की, ताकि वहां 24 घंटे हवाई कनेक्टिविटी मिल सके।
वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के मुद्दे पर जोर देते हुए उन्होंने जगदलपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट से बंद पड़ी नियमित उड़ानों को फिर से शुरू करने की आवश्यकता भी जताई। इस चर्चा में एलायंस एयर और पवन हंस के अधिकारी भी मौजूद रहे।
खनिज संपदा का लाभ स्थानीय युवाओं को मिले -
भारी उपकरणों की उत्पादन क्षमता पर आयोजित एक अन्य बैठक में अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ कोयला और लौह अयस्क जैसी खनिज संपदाओं से समृद्ध राज्य है। उन्होंने मांग की कि इन खनिजों का अधिकतम मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) राज्य के भीतर ही होना चाहिए। इसके लिए आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित की जाएं, जिससे न सिर्फ आत्मनिर्भरता बढ़ेगी बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। इस मौके पर BHEL के सीएमडी शिव कुमार मूर्ति ने सभी सदस्यों का स्वागत किया।
पर्यावरण और विकास में हो संतुलन -
भारत में विद्युत परियोजनाओं की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए सांसद ने ऊर्जा उत्पादन और हाइड्रो प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी परियोजनाओं का तय समय पर पूरा होना जरूरी है, लेकिन विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
सांसद अग्रवाल ने उम्मीद जताई है कि प्राक्कलन समिति के जरिए रखे गए छत्तीसगढ़ के इन सभी प्रस्तावों पर केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालय जल्द ही कोई सकारात्मक फैसला लेंगे।






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