google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

Agrawal nursing home.webp
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg

पीएससी की गड़बड़ी के खुलासे के डेमेज कंट्रोल में जीएसटी पदोन्नति को सामने ले आये - कांग्रेस.....

4 hours ago
2 min read
  • जीएसटी पदोन्नति में गड़बड़ी हुई तो ढाई साल से सरकार क्या कर रही थी ?...

  • पीएससी 2025 के मुख्य परीक्षा की कापी अभ्यर्थियों को दे - कांग्रेस...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-


















रायपुर: छत्तीसगढ़ में लोक सेवा आयोग (पीएससी) परीक्षा और विभागीय पदोन्नति को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि पीएससी परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से ध्यान भटकाने और 'डैमेज कंट्रोल' के लिए सरकार ने आनन-फानन में 42 जीएसटी कर्मचारियों की पदोन्नति रद्द करने की कार्रवाई की है।


प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने सवाल उठाया कि यदि विभागीय पदोन्नति परीक्षा में गड़बड़ी थी, तो सरकार पिछले ढाई साल से क्या कर रही थी? उन्होंने कहा कि महज 42 कर्मचारियों का मामला दो-तीन महीने में सुलझाया जा सकता था। कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले की जांच समिति की रिपोर्ट और उससे जुड़े साक्ष्यों को पारदर्शी रूप से सार्वजनिक किया जाए।


पटवारी से आरआई पदोन्नति का दिया हवाला -

कांग्रेस ने 2024 में 216 पदों पर हुई पटवारी से राजस्व निरीक्षक (RI) पदोन्नति परीक्षा का भी जिक्र किया। शुक्ला ने कहा कि वह गड़बड़ी मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ही हुई थी और विपक्ष के भारी दबाव के बाद जांच कर परीक्षा को तुरंत रद्द किया गया था। पार्टी ने सवाल किया है कि जब उसमें तुरंत कार्रवाई हो सकती थी, तो जीएसटी के सिर्फ 42 पदों की जांच में इतना लंबा समय क्यों लगा और इसकी रिपोर्ट पीएससी घोटाले के ठीक बाद ही कैसे सामने आई?


पीएससी 2025: मुख्य परीक्षा की कॉपियां सार्वजनिक करने की मांग -

राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा 2025 की सिविल सेवा परीक्षा के साक्षात्कार स्थगित किए जाने को कांग्रेस ने नाकाफी कदम बताया है। शुक्ला ने स्पष्ट किया कि केवल साक्षात्कार स्थगित करना समस्या का समाधान नहीं है। आयोग को 2025 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं (कॉपी) अभ्यर्थियों को सौंपनी चाहिए, ताकि वे अपने नंबरों का स्वमूल्यांकन कर सकें।


कांग्रेस ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि आयोग ने 265 पदों के विरुद्ध 1:3 के नियम के तहत 795 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाने के बजाय केवल 608 को ही योग्य माना है। 187 अभ्यर्थी कम पहुंचे हैं। पीएससी का तर्क है कि ये 187 अभ्यर्थी न्यूनतम अंक (66 और 46) प्राप्त नहीं कर सके हैं।


कांग्रेस ने 2024 की परीक्षा का हवाला देते हुए कहा कि उस समय सामने आई उत्तर पुस्तिकाओं में मूल्यांकन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पाई गई थीं और अभ्यर्थियों को गलत नंबर दिए गए थे। इसलिए, यदि आयोग का दावा है कि 187 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए योग्य नहीं हैं, तो इसे प्रमाणित करने के लिए साक्षात्कार से पहले ही सभी को उनकी उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

 
 
 

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html