छत्तीसगढ़ में फल फूल रहा अवैध शराब का कारोबार...
अवैध शराब बेचने वालों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण।

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
छत्तीसगढ़ :- राज्य में अवैध शराब की कारोबार इसलिए संचालित है क्योंकि यहां का मुख्यमंत्री आदिवासी मुख्यमंत्री है और आदिवासियों को 5 लीटर 10 लीटर शराब बनाने का खुला आरक्षण मिल चुका है जिसकी वजह से अवैध शराब का कारोबार संचालित है।
विशेष तौर से जांजगीर चांपा जिले में मुलमुला थाना इसलिए प्रसिद्ध हो गया है क्योंकि यहां का थाना प्रभारी शराब की कालाबाजारी करने वाले एवं सांवरिया डेरा से कमिशन एवं हफ्ता वसूली करके छोड़ दिया जाता है थाना से ही छोड़ दिया जाता है और लंबी रकम लेकर जिसकी वजह से सांवरिया डेरा में शराब का कारोबार फल फूल रहा है।

एक तरफ देश के प्रधानमंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री कहते हैं कि नशा मुक्त राज्य बनेगा नशा मुक्त राष्ट्र बनेगा मगर मुख्यमंत्री के ही आदिवासियों को महुआ का शराब बनाना एवं बेचने का खुला संरक्षण दे रखा है जिसकी वजह से अवैध शराब का कारोबार संचालित है।
राज्य में शुष्क दिवस घोषित किया जाता है उसी दिन सबसे ज्यादा शराब की बिक्री होती है और निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य में शराब बिकता है जिसकी वजह से शराब की कालाबाजारी करने वालों की हौसले बुलंद हो जाते हैं क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री ही शराब बेचने का कार्य कर रही है पहले तो राज्य में मात्र 100 ही शराब की दुकानें संचालित थी मगर आज वर्तमान में 300 शराब की दुकान संचालित हो चुकी है और इससे अधिक अवैध शराब की बिक्री करने वालों की संख्या की बढ़ोतरी हो चुकी है जिसकी वजह से राज्य नशा मुक्त नहीं बन सकता।
हमारे साथी पत्रकार के द्वारा सांवरिया डेरा बना हिल के संबंध में जो की संबंधित ग्राम मूलमुला थाना के अंतर्गत में आता है जिसका पत्रिका समाचार पत्र के माध्यम से साझा किया है अवैध शराब का यह सत्य है और पुलिस वालों के द्वारा इनके ऊपर कानूनी कार्यवाही नहीं किया जाता है शराब अगर बरामद कर ली जाती है तो उसे निर्धारित मात्र से कम का दर्शाकर संबंधित थाना के द्वारा रुपया पैसा की लेनदेन करके छोड़ दिया जाता है न्यायालय में चालान प्रस्तुत नहीं किया जाता।
आज ऐसी स्थिति है खुलेआम शराब बिकता है पुलिस देखते रह जाती है मगर खुले रूप में शराब बेचने वालों की विरुद्ध में कोई सा कानूनी कार्यवाही नहीं करता जिसकी वजह से नशे का कारोबार फल फूल रहा हैं।
जिस राज्य का मुख्यमंत्री आदिवासी है तो उसे राज्य में शिक्षा के स्थान पर शराब का कारोबार संचालित हो रहा है क्योंकि अधिकांश स्कूलों को बंद करके शराब की दुकानें संचालित करने में लगा हुआ है तो बच्चे एवं मास्टर सभी लोग शराब पीने के शौकीन हो गए हैं आज ऐसी स्थिति है कोई दूध का चाय नहीं पीता सो के उठने पर शराब पीता है उसके बाद में कार्य करता है ऐसी स्थिति है द्वापर युग में दूध दही घी का कारोबार एवं बहुत मात्रा में मिलता था आज कलयुग में शराब पीने के शौकीन शराब पी रहे हैं कुद कुद कर।
राकेश कुमार साहू
शालिनी न्यूज़ एजेंसी जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़।






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