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इफको नैनो डीएपी से बदली खेती में कम लागत में बेहतर उत्पादन की राह...

Jul 30
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

छत्तीसगढ़ :- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम कछौड के प्रगतिशील किसान मिठाईलाल पिता इन्द्रदेव ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर यह साबित कर दिया है कि खेती में बदलाव की शुरुआत नई सोच और सही मार्गदर्शन से होती है। इफको नैनो डीएपी के सफल उपयोग ने उनकी खेती को नई दिशा दी है। अब कम लागत में बेहतर उत्पादन की उम्मीद ने न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी वे प्रेरणा बन गए हैं। मिठाईलाल लंबे समय से खेती-किसानी से जुड़े हैं। खेती ही उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन है। बीते कुछ वर्षों से रासायनिक उर्वरकों की बढ़ती कीमत और उत्पादन को लेकर बनी अनिश्चितता उनके सामने बड़ी चुनौती थी।


ऐसे समय में कृषि विभाग एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कछौड, शाखा मनेन्द्रगढ़ के माध्यम से उन्हें इफको नैनो डीएपी के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। विभागीय अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों ने उन्हें बताया कि यह आधुनिक उर्वरक कम मात्रा में उपयोग होने के बावजूद पौधों को आवश्यक पोषक तत्व प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराता है और फसल की गुणवत्ता तथा उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध होता है।


विशेषज्ञों की सलाह पर मिठाईलाल ने अपनी फसल में नैनो डीएपी का प्रयोग किया। कुछ ही समय में खेतों में इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगे। फसल की बढ़वार पहले की तुलना में अधिक तेज हुई, पौधों में हरियाली बढ़ी और उनकी मजबूती भी स्पष्ट नजर आने लगी। इससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद मजबूत हुई और खेती के प्रति उनका विश्वास भी पहले से अधिक बढ़ गया। नैनो डीएपी के उपयोग से पारंपरिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च भी कम हुआ। इससे खेती की लागत घटी और भविष्य में अधिक लाभ मिलने की संभावना बढ़ी। मिठाईलाल का मानना है कि यदि किसान नई तकनीकों को अपनाने का साहस करें और कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के अनुसार कार्य करें, तो खेती को अधिक लाभदायक बनाया जा सकता है।


वे बताते हैं कि शुरुआत में उन्हें इस नई तकनीक पर भरोसा नहीं था, लेकिन प्रयोग के बाद मिले सकारात्मक परिणामों ने उनकी सोच बदल दी। अब वे अपने गांव और आसपास के किसानों को भी इफको नैनो डीएपी के उपयोग तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। मिठाईलाल की सफलता इस बात का प्रमाण है कि कृषि विभाग द्वारा किसानों तक पहुंचाई जा रही आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सलाह का सही उपयोग खेती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।


आज वे अपने क्षेत्र में एक प्रगतिशील किसान के रूप में पहचान बना चुके हैं। उनकी प्रेरक कहानी यह संदेश देती है कि बदलते समय के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं और खेती को अधिक समृद्ध, टिकाऊ एवं लाभकारी बना सकते हैं।

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