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बाल विवाह रोकने में मिली ऐतिहासिक सफलता.....

Aug 5
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

रायपुर किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति उसके बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा से मापी जाती है। छत्तीसगढ़ ने इसी सोच को आधार बनाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास को शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी नीतियों और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के सक्रिय नेतृत्व में प्रदेश में बच्चों के पोषण, संरक्षण और भविष्य निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। आईसीडीएस, मिशन वात्सल्य, पोषण अभियान और बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन ने राज्य को बाल विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है।


प्रदेश में 11 हजार 490 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम और आकर्षक बनाने का कार्य तेजी से जारी है। इन केंद्रों में बिल्डिंग एज़ लर्निंग एड (BaLA) पेंटिंग, पोषण वाटिका, खेल एवं शिक्षण आधारित गतिविधियों जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे बच्चे सीखने के साथ आनंदमय वातावरण में विकसित हो सकें। मनरेगा अभिसरण के माध्यम से 2 हजार 337 नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। वहीं पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 191 नए आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा चुके हैं। नियद नेल्ला नार 2.0 के तहत 10 जिलों में 12 हजार 964 आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों तक सेवाएं पहुंचा रहे हैं।


मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संख्या 51 हजार 45 से बढ़कर 52 हजार 258 तथा सहायिकाओं की संख्या 44 हजार 826 से बढ़कर 51 हजार 548 हो गई है, जिससे सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार आया है। कुपोषण पर प्रभावी प्रहार छत्तीसगढ़ राज्य में बच्चों में कुपोषण कम करने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पोषण ट्रैकर ऐप के आंकड़ों के अनुसार 0-5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में स्टंटिंग में 7.82 प्रतिशत की कमी, वेट में 4.36 प्रतिशत की कमी, अंडरवेट में 2.76 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। दिसंबर 2023 में जहां बौनापन की दर 30.27 प्रतिशत थी, वह जून 2026 तक घटकर 22.45 प्रतिशत रह गई। यह उपलब्धि पोषण प्रबंधन, नियमित मॉनिटरिंग, सामुदायिक सहभागिता और आंगनबाड़ी आधारित सेवाओं के प्रभावी संचालन का परिणाम है।


पोषण अभियान में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन राष्ट्रीय पोषण माह और पोषण पखवाड़ा के दौरान छत्तीसगढ़ ने देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में छत्तीसगढ़ राज्य प्रति आंगनबाड़ी गतिविधियों में प्रथम स्थान पर रहा। अप्रैल 2025 के पोषण पखवाड़ा में भी छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया।प्रदेश में सितंबर-अक्टूबर 2025 के पोषण माह के दौरान 71 हजार 887 गतिविधियां और अप्रैल 2026 के पोषण पखवाड़ा में 34 लाख 93 हजार 474 गतिविधियां आयोजित की गईं। साथ ही स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए रेडी टू ईट इकाइयों की स्थापना की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल शुरू हो चुकी है।


मिशन वात्सल्य से बच्चों को सुरक्षा और संबल अनाथ, परित्यक्त और विशेष संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए मिशन वात्सल्य प्रभावी सुरक्षा कवच बनकर उभरा है। राज्य में बाल देखरेख संस्थाओं की संख्या बढ़कर 109 हो गई है। मुख्यमंत्री बाल उदय योजना के माध्यम से सैकड़ों बच्चों को शिक्षा, देखभाल और पुनर्वास का लाभ मिला है। चाइल्ड हेल्पलाइन में प्राप्त 1 लाख 65 हजार 979 कॉलों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए हजारों मामलों का निराकरण किया गया। बाल संरक्षण सेवाओं के विस्तार का प्रभाव दत्तक ग्रहण और स्पॉन्सरशिप योजनाओं में भी स्पष्ट दिखाई देता है। दत्तक ग्रहण से लाभान्वित बच्चे 42 से बढ़कर 234 और स्पॉन्सरशिप से लाभान्वित बच्चे 767 से बढ़कर 2 हजार 37 हो गए हैं। यह वृद्धि बच्चों को पारिवारिक वातावरण और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की संवेदनशील प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ की ओर मजबूत कदम राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान ने सामाजिक जागरूकता और प्रशासनिक सक्रियता दोनों को नई दिशा दी है। बाल विवाह प्रतिरोध अधिकारियों की संख्या बढ़कर 1 हजार 382 हो गई है। इसके परिणामस्वरूप रोके गए बाल विवाहों की संख्या 109 से बढ़कर 888 तक पहुंच गई है। यह परिवर्तन केवल प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि बेटियों के शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण सामाजिक बदलाव का संकेत है। भविष्य की मजबूत नींव मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में संचालित ये प्रयास छत्तीसगढ़ के लाखों बच्चों को स्वस्थ, सुरक्षा, शिक्षित और सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर कर रहे हैं। आधुनिक आंगनबाड़ी व्यवस्था, पोषण सुधार, बाल संरक्षण सेवाओं का विस्तार और बाल विवाह उन्मूलन जैसे बहुआयामी प्रयासों ने छत्तीसगढ़ को बाल विकास के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी और आदर्श राज्य के रूप में स्थापित किया है। सशक्त बचपन ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है और राज्य सरकार उसी नींव को और अधिक मजबूत बनाने के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है |

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