google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

डेंगू के लक्षण एवं उपायों के संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने दी जानकारी.... 

Jul 9, 2025
2 min read

ब्रैकिंग ADN न्यूज़ :-

रायगढ़:- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिल कुमार जगत ने बताया कि बरसात के मौसम में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और डेंगू जैसी बीमारियाँ भी पानी जमा होने से हो सकती हैं। इससे बचने के लिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और साफ.-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। डॉ.टी.जी. कुलवेदी, जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि डेंगू वेक्टर जनित रोग है। प्राय: लोगों को यह नहीं मालूम होता है कि यह डेंगू रोग किस कारण से होता है और इनके लक्षण क्या-क्या है और इनके स्त्रोत क्या-क्या है।

डेंगू बीमारी संक्रमित मादा एडिस एजिप्टी मच्छर के काटने से स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में संक्रमण होता है। संक्रमित एडिस मच्छर के अण्डे भी संक्रमित हो जाते है। पानी के संपर्क में यह अण्डा विकसित होकर व्यस्क मच्छर बन जाता है एवं संक्रमण फैलाते है। ये मच्छर ठहरे हुये साफ पानी में पैदा होते है और ये दिन के समय काटते है। जनसामान्य अपने अपने घर, आंगन, परिसर के आस-पास, कार्यालय या अन्य स्थानों पर जमा हुआ पानी को तत्काल निस्तारी करें, जहां पानी को निकालना सम्भव न हो तो जला हुआ मोबिल का प्रयोग करें। इस्तेमाल किये हुये कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के बर्तन, फ्रिज के ट्रे, फूलदान, कोटना, नारियल के खोल, टूटे हुये बर्तन, पुराने टायर व अन्य वस्तुओं में ठहरे हुये पानी में यह मच्छर के लार्वा पनपते है। अत: इनमें पानी जमा ना होने देें।डेंगू के लक्षण होने पर अचानक तेज सिरदर्द व तेज बुखार, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द, आंख के पीछे दर्द, जी मचलाना एवं उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक, मुंह एवं मसूड़ों से खून आना, त्वचा पर चकते उभरना जैसे पाये जाते है। इसके लिए निकट के स्वास्थ्य केन्द्र /मितानिन/स्वास्थ्य कार्यकर्ता को सूचित करें एवं त्वरित जांचकर इलाज करावें। अधिक जानकारी एवं परामर्श सेवा हेतु 104 डायल कर संपर्क कर सकते है।

डॉ टी.जी. कुलवेदी ने स्पष्ट किया है कि डेंगू रेपीड डायग्नोस्टिक टेस्ट कीट से जांच होने के उपरांत धनात्मक पाये जाने वाले मरीज केवल डेंगू के संदेहास्पद मरीज होते है, उनको अंतिम डेंगू के धनात्मक मरीज नहीं माना जाता है। उक्त मरीजों को मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में एलिसा टेस्ट रिपोर्ट में धनात्मक पाये जाने पर ही शासन द्वारा डेंगू के मरीज होने की पुष्टि की जाती है।

स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण काल को दृष्टिगत रखते हुये डेंगू नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु पूर्व तैयारी के लिए दो कार्यशाला का आयोजन कर डेंगू के संबंध में समीक्षा ली गई है जिसमें विकासखण्ड एवं शहरी क्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। डेंगू लार्वा नियंत्रण हेतु वर्तमान में समस्त विकासखण्डों के साथ-साथ नगर निगम रायगढ़ को भी लार्वानाशक केमिकल कराया गया है। डेंगू रोग से संबंधी ऐहतियात बरतने की सलाह आम नागरिकों को दी गई है। जनसामान्य से अपील की गई है कि स्वच्छ वातावरण एवं स्वच्छ शहर के साथ डेंगू मुक्त जिला बनाने में सहयोग प्रदान करें।


Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html