भाजपा में बढ़ती बगावत: ढाई साल के कार्यकाल से असंतुष्ट होकर बड़ी संख्या में छोड़ रहे कार्यकर्ता, कांग्रेस का तंज....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर - छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों उथल-पुथल का दौर जारी है। राज्य की वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल को अभी कुछ ही समय हुआ है, लेकिन पार्टी के भीतर अंतरकलह और असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। हालात यह हैं कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ता से लेकर पदाधिकारी तक पार्टी से दूरी बनाने लगे हैं।
कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार की जनविरोधी नीतियों और कार्यशैली से त्रस्त होकर अब खुद भगवा खेमे के लोग ही बगावत पर उतर आए हैं।
भीतरघात और गुटबाजी से घिरी सरकार -
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा के नए संगठन महामंत्री के सामने पार्टी के भीतर चल रही धड़ेबंदी को संभालना एक बड़ी चुनौती बन गया है। जानकारों का मानना है कि सत्ता संचालन के तौर-तरीकों और पदों के बंटवारे को लेकर कार्यकर्ताओं में गहरी निराशा है। हाल ही में कई जिलों से कार्यकर्ताओं के इस्तीफे की खबरें सामने आई हैं, जिससे संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इन मुद्दों पर सुलग रहा है असंतोष -
उपेक्षा और नाराजगी: कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार बनने के बाद से जमीनी स्तर पर मेहनत करने वालों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
भ्रष्टाचार और एल्डरमैन नियुक्ति विवाद: हालिया नियुक्तियों और फैसलों को लेकर भीतरखाने तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
जनता से जुड़े मुद्दे: बढ़ती महंगाई, बिजली संकट, शराबबंदी के मोर्चे पर नाकामी और विभिन्न इलाकों में हो रही कार्रवाई से आम जनता के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ता भी असहज महसूस कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय रहते डैमेज कंट्रोल नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में सत्ताधारी दल के लिए मुश्किलें और अधिक बढ़ सकती हैं।






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