बकरी पालन से बढ़ी आय और मजबूत हुआ आत्मविश्वास...
- ANIS LALA DANI

- 12 hours ago
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ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
धमतरी :- ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम छिपली की स्वावलंबी महिला स्व-सहायता समूह ने उल्लेखनीय मिसाल कायम की है। कभी छोटे-छोटे संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बीच अपनी आजीविका शुरू करने वाली समूह की महिलाएं आज बकरी पालन सहित विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई पहचान बना रही हैं। समूह की अध्यक्ष दुर्गेश नंदनी साहू बताती हैं कि समूह की शुरुआत चुनौतियों से भरी रही। सबसे पहले सभी महिलाओं को एकजुट कर सामूहिक रूप से काम करने की भावना विकसित करना चुनौती थी। आपसी समन्वय, विश्वास और निरंतर प्रयासों से संगठन मजबूत हुआ और महिलाओं ने बकरी पालन को आजीविका के प्रमुख साधन के रूप में अपनाया। शुरुआती दौर में कभी लाभ तो कभी नुकसान की परिस्थितियां भी आईं, लेकिन महिलाओं ने हार नहीं मानी।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन के सहयोग से उन्होंने धीरे-धीरे अपनी गतिविधियों को विस्तार दिया। आज यही मेहनत उनकी सफलता की पहचान बन गई है। समूह की प्रत्येक दीदी लगभग 8 से 10 हजार रुपए प्रतिमाह तक की आय अर्जित कर रही हैं। बकरी पालन के क्षेत्र में समूह पूरे जिले में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बेहतर प्रबंधन, पशुओं की देखभाल, विभागीय मार्गदर्शन और सामूहिक निर्णयों ने समूह को मजबूती प्रदान की है।
समूह ने अपनी आजीविका को केवल बकरी पालन तक सीमित नहीं रखा। महिलाएं फलदार वृक्षों की खेती, दलहन-तिलहन फसलों का उत्पादन, मखाना उत्पादन के लिए तालाब की तैयारी, बकरी एवं गाय पालन से दुग्ध उत्पादन, मिनी राइस मिल तथा कैंटीन संचालन जैसी गतिविधियों से भी जुड़ी हैं। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समूह ने आय के अनेक स्रोत विकसित किए हैं। दुर्गेश नंदनी साहू कहती हैं कि “कभी हम अपने सपनों को लेकर असमंजस में थे। कई बार लाभ हुआ तो कई बार नुकसान भी उठाना पड़ा, लेकिन हमने साथ मिलकर आगे बढ़ना नहीं छोड़ा। पशुपालन विभाग, जिला प्रशासन और अधिकारियों के सकारात्मक सहयोग ने हमारा आत्मविश्वास बढ़ाया। आज हमें गर्व है कि हमारे समूह की पहचान जिले से लेकर राज्य स्तर तक बनी है।”
समूह की उपलब्धियों को व्यापक पहचान भी मिली है। पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के हाथों सम्मानित होने का अवसर समूह की महिलाओं के लिए गौरव का क्षण रहा। यह सम्मान उनके संघर्ष और सामूहिक प्रयासों की सफलता का प्रतीक है।
छिपली की इन महिलाओं की कहानी बताती है कि जब महिलाएं एकजुट होकर आगे बढ़ती हैं, तो सीमित संसाधन भी बड़े अवसर में बदल जाते हैं। आज उनका समूह न केवल आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण, सामूहिक उद्यम और बहुआयामी आजीविका का प्रेरक मॉडल बनकर उभरा है।
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