सेवा से सशक्तिकरण की ओर: छत्तीसगढ़ में 'सेवा संकल्प अभियान' से बदल रही है महिलाओं और बच्चों की जिंदगी....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से:-
रायपुर, 17 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ में जनसेवा अब केवल सरकारी योजनाओं और कागजी आंकड़ों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह धरातल पर लोगों की जिंदगी में एक बड़ा बदलाव लेकर आ रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए जरूरतमंद परिवारों, महिलाओं और बच्चों के जीवन में नई उम्मीदों के रास्ते खुले हैं। उप संचालक डॉ. दानेश्वरी संभाकर द्वारा साझा किए गए इस विशेष लेख में उन प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाया गया है, जहां शासन की योजनाएं महिलाओं के आत्मविश्वास, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का मुख्य आधार बन रही हैं।
महतारी वंदन योजना: आर्थिक संबल से बढ़ रहे आत्मनिर्भरता के कदम -
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना एक क्रांतिकारी पहल साबित हुई है। इस योजना के तहत अब तक प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को 31 किश्तों के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।
स्वरोजगार की मिसाल: जांजगीर-चांपा की उर्मिला यादव ने इस योजना से मिली राशि की बचत कर आर्टिफिशियल गहनों का व्यवसाय शुरू किया। इसी जिले की ज्योति कसेर ने पापड़ व्यवसाय और सुमित्रा कर्ष ने श्रृंगार सामग्री की दुकान खोलकर खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है।
भविष्य की सुरक्षा: कबीरधाम की श्यामबती कोर्राम इस राशि का उपयोग अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने और परिवार को पौष्टिक आहार देने में कर रही हैं।
संकट के समय 'सखी वन स्टॉप सेंटर' बना सुरक्षा का बड़ा संबल -
महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ केवल आर्थिक तरक्की नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन है। प्रदेश के सभी 33 जिलों में संचालित 42 सखी वन स्टॉप सेंटर घरेलू हिंसा, उत्पीड़न या अन्य संकटों से घिरी महिलाओं के लिए एक ही छत के नीचे कानूनी सहायता, चिकित्सकीय सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थायी आश्रय उपलब्ध करा रहे हैं। यह व्यवस्था संकटग्रस्त महिलाओं को यह अटूट भरोसा देती है कि कठिन समय में शासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

इन योजनाओं से भी मिल रहा है व्यापक लाभ -
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह अब चिंता का विषय नहीं रहा है। इस योजना के तहत अब तक 24 हजार 336 बालिकाओं के सामूहिक विवाह कराए जा चुके हैं, जिसमें हर जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है।
महिला समृद्धि योजना: महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 42 हजार 878 समूहों को 129.46 करोड़ रुपये का रियायती ऋण प्रदान किया गया है, जिससे वे अपने छोटे व्यवसाय सफलतापूर्वक चला रही हैं।
मातृ एवं बाल स्वास्थ्य: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के जरिए गर्भवती महिलाओं और माताओं को पोषण और स्वास्थ्य जांच के लिए आर्थिक सहायता मिल रही है। इसके अलावा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की बालिका हिमांशी कोवाची "हमर स्वस्थ लइका" कार्यक्रम के माध्यम से सतत पोषण प्रबंधन की बदौलत कुपोषण से जंग जीतकर पूरी तरह स्वस्थ हुई है।
बदलाव की पहचान बनता सेवा संकल्प अभियान-
छत्तीसगढ़ में 'सेवा संकल्प अभियान' मात्र एक योजना नहीं, बल्कि जनसेवा की सार्थकता का जीवंत प्रमाण है। जब शासन की मदद सही व्यक्ति तक पहुंचती है, तो वह महिलाओं के लिए आत्मविश्वास, परिवारों के लिए उम्मीद और बच्चों के लिए एक स्वस्थ व सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव बन जाती है।





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