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सुंदर नगर वार्ड के पूर्व पार्षद मृत्युंजय दुबे सनातन विरोधी....

19 hours ago
2 min read

मंदिर निर्माण पर सवाल उठाने वाले पूर्व पार्षद अपने कार्यकाल में उसी जमीन पर हाई मास्क क्यों लगाए...

  • भारतीय जनता पार्टी सनातनी होने का दम भरती है तो पूर्व पार्षद मृत्युंजय दुबे पर अब तक कार्यवाही क्यों नहीं कर रही...

  • मंदिर निर्माण का विरोध करना भाजपा की कथनी और करनी पर खड़े करता है सवाल : संदीप तिवारी...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-

रायपुर। भाजपा के पूर्व पार्षद मृत्युंजय दुबे द्वारा मंदिर निर्माण का विरोध किए जाने के मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संदीप तिवारी ने कहा कि मंदिर आस्था, श्रद्धा और भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं। ऐसे में मंदिर निर्माण को लेकर विरोध की स्थिति उत्पन्न होना कई सवाल खड़े करता है। भाजपा नेताओं को स्पष्ट करना चाहिए कि मंदिर और धार्मिक आस्था के विषय पर उनकी वास्तविक सोच क्या है। संदीप तिवारी ने कहा कि भाजपा धर्म और मंदिरों के नाम पर राजनीति करने का कोई अवसर नहीं छोड़ती, लेकिन जब स्थानीय स्तर पर मंदिर निर्माण का विषय सामने आता है, तब विरोध की खबरें सामने आना उनके दावों और व्यवहार के बीच अंतर को उजागर करता है। धार्मिक आस्था को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाने के बजाय सभी को समाज की भावनाओं और स्थानीय नागरिकों की सहमति का सम्मान करना चाहिए।


उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के मामले में यदि किसी प्रकार की तकनीकी, कानूनी अथवा प्रशासनिक आपत्ति है, तो उसे तथ्यों के साथ सार्वजनिक किया जाना चाहिए। लेकिन धार्मिक आस्था से जुड़े विषय पर बिना उचित संवाद के विरोध की स्थिति पैदा करना उचित नहीं है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि मंदिर निर्माण का विरोध किन कारणों से किया जा रहा है। संदीप तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के यही पूर्व पार्षद के कार्यकाल में इस जमीन पर जब हाई मास्क लगा तब उन्होंने विरोध क्यों नहीं किया तब उन्हें श्रेय लेना था और अब मंदिर निर्माण में उन्हीं की पार्टी के पार्षद को मिल रहा है तो वह पचा नहीं पा रहे हैं कुल मिलाकर दोनों पार्षदों में श्रेय की लड़ाई उजागर हो चुकी है और सुंदर नगर वार्ड की जनता इसे बखूबी समझ रही है।


पूर्व पार्षद सनातन विरोधी है यह पहली बार उजागर नहीं हो रहा है इसके पहले भी उनके कार्यकाल में अश्वनी नगर सामुदायिक भवन में भागवत के लिए आरक्षित हुआ था जिसका उन्होंने विरोध कर उसे रद्द करवाया था। पूर्व पार्षद लगभग 20 साल सुंदर नगर वार्ड के पार्षद रहे हैं लेकिन उनके इस 20 साल में एक भी मंदिर निर्माण उनके द्वारा नहीं कराया गया है।संदीप तिवारी ने मांग की कि भाजपा के पूर्व पार्षद इस मामले में अपना पक्ष सार्वजनिक करें और स्पष्ट करें कि मंदिर निर्माण पर उनकी आपत्ति का वास्तविक आधार क्या है। धार्मिक आस्था के विषय पर दोहरा मापदंड अपनाने के बजाय पारदर्शिता, संवाद और जनभावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। #SundarNagarWard #RaipurNews #TempleControversy #SandeepTiwari #BJP #PoliticalNews #Chhattisgarh #LocalPolitics #KhabarExpress #BreakingADNNews


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