छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल का बड़ा हमला - चुनाव आयोग निष्पक्षता खो चुका है, असली लाभार्थी मोदी-शाह....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायपुर/नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने चुनावी प्रणाली और मतदाता सूचियों में धांधली को लेकर सत्तापक्ष और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। बघेल ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त इस पूरे घटनाक्रम में महज एक 'मोहरा' बने हुए हैं, जबकि इसका सीधा राजनीतिक फायदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पहुंचाया जा रहा है।
कांग्रेस अब इस पूरे मामले को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में है और पार्टी ने इसे सीधे जन-जन तक पहुँचाने का रोडमैप तैयार कर लिया है।
शीर्ष नेताओं के नेतृत्व में बनी रणनीति -
मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया कि हाल ही में संपन्न कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पार्टी का मानना है कि चुनावी प्रक्रिया में हो रही कथित गड़बड़ियों और 'वोट चोरी' के खिलाफ अब चुप नहीं बैठा जा सकता। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि जब तक इस प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं आती, तब तक देशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।
CWC की बैठक में उठाए गए कड़े मुद्दे -
कार्य समिति की बैठक में पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग करने के साथ-साथ कई अन्य अहम प्रस्ताव रखे थे:
मतदाता सूची से हटाए गए सभी वैध नामों को तुरंत बहाल किया जाए।
एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
कांग्रेस राज्य, जिला और बूथ स्तर पर जाकर उन मतदाताओं से संपर्क करेगी जिनके नाम सूची से गायब किए गए हैं।
इस आंदोलन को केवल राष्ट्रीय राजधानी तक सीमित न रखकर ज़मीनी स्तर पर जनता के बीच ले जाया जाएगा।
विपक्ष बनाम चुनाव आयोग और सरकार -
एक तरफ जहाँ कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्धारित नियमों और पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। इसके अलावा, इस पूरे विवाद से जुड़े कानूनी पहलू अब सुप्रीम कोर्ट की देहरी तक भी पहुँच चुके हैं, जहाँ याचिका पर सुनवाई की सहमति बन चुकी है।
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने और जनता के बीच भ्रम फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। बहरहाल, भूपेश बघेल के इस आक्रामक बयान के बाद देश का सियासी पारा एक बार फिर गर्मा गया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रहने की पूरी उम्मीद है।






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