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पक्की सड़क मांगने पर आदिवासियों पर FIR,माइंस ठेकेदारों के दबाव में पुलिस?..

Aug 13
2 min read
  • अंतागढ़–नारायणपुर मार्ग की बदहाली पर आवाज उठाने वालों को डराया जा रहा |




पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-

रायपुर :- आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष देवलाल नरेटी ने सरकार की तानाशाही पर कहा कि अंतागढ़ से नारायणपुर को जोड़ने वाली सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों, कीचड़ और लगातार खराब होती सड़क के कारण ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार सड़क की मरम्मत और निर्माण को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है।

जब स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों ने खराब सड़क और भारी वाहनों की आवाजाही के खिलाफ अपनी आवाज उठाई, तो उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर FIR दर्ज कर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। आरोप है कि बड़े माइंस ठेकेदारों और संबंधित यूनियन के दबाव में पुलिस प्रशासन स्थानीय आदिवासियों और स्थानीय आम आदमी पार्टी के नेता नरेंद्र नाग की आवाज दबाने का काम कर रहा है।


उन्होंने बताया कि स्थानीय आदिवासियों का कहना है कि क्या छत्तीसगढ़ में अब सड़क मांगना भी अपराध हो गया है? क्या आदिवासी अपने बच्चों की सुरक्षा और अपने गांव की सड़क के लिए आवाज भी नहीं उठा सकते? सरकार खुद को आदिवासियों की हितैषी बताती है, लेकिन जमीन पर तस्वीर इसके बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। एक तरफ सरकार आदिवासी विकास और अधिकारों की बड़ी-बड़ी बातें करती है, दूसरी तरफ सड़क की बदहाली के खिलाफ आवाज उठाने वाले आदिवासियों पर FIR दर्ज कराई जा रही है। यह दोहरा चरित्र नहीं तो और क्या है?


अंतागढ़–नारायणपुर मार्ग सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि दर्जनों गांवों के लोगों की जीवनरेखा है। इस सड़क से बच्चों का स्कूल जाना, ग्रामीणों का अस्पताल और बाजार तक पहुंचना तथा रोजमर्रा का आवागमन जुड़ा हुआ है। सड़क खराब होने के कारण किसी बच्चे, मरीज या ग्रामीण के साथ दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?


सरकार और पुलिस प्रशासन से सवाल है कि अगर ठेकेदार और यूनियन सड़क व्यवस्था सुधारने के बजाय ग्रामीणों पर FIR करवाने का रावघाट माइंस के दबाव मे परिवहन संघो के दबाव मे बना सकते हैं, तो फिर कानून किसके लिए है? आम आदिवासियों के लिए या प्रभावशाली लोगों के लिए?

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