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किसानों की खुशहाली-सस्ती स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने पर केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी: बृजमोहन अग्रवाल...

Sep 8
3 min read
  • रायपुर सांसद ने किसानों के लिए निर्धारित सब्सिडी वाले यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर दिया जोर...

  • उर्वरक क्षेत्र में पारदर्शिता, आधुनिक तकनीक और दीर्घकालीन सुधारों को महत्वपूर्ण बताया...

  • नैनो उर्वरक एवं नमो ड्रोन दीदी से कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने की आवश्यकता पर दिया बल...

  • जन औषधि के माध्यम से सस्ती गुणवत्तापूर्ण दवाओं का लाभ अधिकाधिक नागरिकों तक हर हाल पहुंचे : सांसद बृजमोहन...

  • 31 जुलाई 2026 तक देश में 20,547 जन औषधि केंद्र स्थापित हो चुके हैं, जिनमें 10,457 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। छत्तीसगढ़ में 355 जन औषधि केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।....

  • यहां दवाएं प्रमुख ब्रांडेड उत्पादों की तुलना में 50 से 80 प्रतिशत सस्ती हैं...

  • पिछले पांच वर्षों में यूरिया सब्सिडी योजना पर लगभग 8.16 लाख करोड़ रूपये व्यय हुआ...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-

रायपुर सांसद एवं छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने किसानों की आर्थिक सुरक्षा, कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण तथा आम नागरिकों को सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इन योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाओं को निरंतर और सुदृढ़ करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। सांसद अग्रवाल ने कहा कि भारत की कृषि व्यवस्था को अधिक समृद्ध, आत्मनिर्भर एवं आधुनिक बनाने के लिए किसानों को समय पर उर्वरक (खाद) की उपलब्धता, नई तकनीकों का विस्तार तथा सार्वजनिक संसाधनों का प्रभावी उपयोग अत्यंत आवश्यक है। छत्तीसगढ़ सहित देश के सभी कृषि प्रधान क्षेत्रों में इन प्रयासों का लाभ किसानों और ग्रामीण परिवारों तक पहुंचे, इस दिशा में निरंतर कार्य किया जाना चाहिए।

सोमवार को रसायन उर्वरक सम्बन्धी संसदीय समिति की बैठक में भाग लेने के बाद सांसद अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों को किफायती दरों पर यूरिया उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा व्यापक व्यय कृषि क्षेत्र के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उर्वरक विभाग के अनुसार पिछले पांच वर्षों में यूरिया सब्सिडी योजना पर लगभग 8.16 लाख करोड़ रूपये व्यय हुआ है।

सांसद अग्रवाल के अनुसार इस महत्वपूर्ण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता, तकनीक आधारित निगरानी तथा उर्वरक के वास्तविक उपयोग की जानकारी को और सुदृढ़ करना आवश्यक है। कृषि उपयोग के लिए निर्धारित सब्सिडी वाले यूरिया का लाभ किसानों तक ही पहुंचे, इसके लिए संभावित औद्योगिक डायवर्जन की रोकथाम तथा औद्योगिक उपयोग के बेहतर सत्यापन पर ध्यान दिया जाना चाहिए।


छत्तीसगढ़ के संदर्भ में उन्होंने कहा कि राज्य की कृषि आवश्यकताओं के अनुरूप यूरिया के आवंटन, आपूर्ति और उपलब्धता की निरंतर समीक्षा से किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है।


सांसद अग्रवाल ने कहा कि उर्वरक क्षेत्र में दीर्घकालीन सुधारों के साथ नैनो उर्वरक और नमो ड्रोन दीदी जैसी पहलें भारतीय कृषि को आधुनिक एवं अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों की वास्तविक सफलता किसानों की लागत में कमी, उत्पादकता में वृद्धि तथा ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय के अवसरों से सुनिश्चित होगी। इसके लिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और आवश्यक सेवा व्यवस्था को निरंतर मजबूत किया जाना चाहिए। छत्तीसगढ़ में कृषि की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए आधुनिक कृषि तकनीकों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी को बढ़ावा देना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाने में सहायक होगा।


सांसद अग्रवाल ने प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना को आम नागरिकों के स्वास्थ्य व्यय में राहत पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण दवाओं की किफायती उपलब्धता से विशेष रूप से गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को लाभ मिल रहा है। 31 जुलाई 2026 तक देश में 20,547 जन औषधि केंद्र स्थापित हो चुके हैं, जिनमें 10,457 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। जिनमें छत्तीसगढ़ में 355 जन औषधि केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। योजना के अंतर्गत दवाएं प्रमुख ब्रांडेड उत्पादों की तुलना में सामान्यतः 50 से 80 प्रतिशत सस्ती हैं तथा नागरिकों को ₹45,000 करोड़ से अधिक की अनुमानित संचयी बचत हुई है।


सांसद अग्रवाल ने कहा कि जन औषधि के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं के प्रति चिकित्सकों एवं मरीजों का विश्वास बढ़ाना भी आवश्यक है। जागरूकता, गुणवत्ता संबंधी जानकारी तथा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय से इस योजना का लाभ और अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जन औषधि केंद्रों की उपलब्धता और दवाओं की नियमित आपूर्ति को सुदृढ़ कर गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को और अधिक राहत पहुंचाई जा सकती है।

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