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साइबर फ्रॉड मामले में दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार...

Aug 20
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

दुर्ग :- दुर्ग में साइबर ठगी के मामलों में अपराधियों तक पहुंचने के लिए दुर्ग पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में थाना सुपेला पुलिस ने साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने वाले म्यूल बैंक अकाउंट धारकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को लेने और ट्रांसफर करने के लिए कर रहे थे। इस कार्रवाई के साथ ही इस मामले में अब तक कुल 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।


समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर जांच दुर्ग पुलिस के मुताबिक, भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर थाना सुपेला क्षेत्र से जुड़े बैंक खातों की जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि कुछ बैंक खातों में देश के अलग-अलग राज्यों में हुई साइबर ठगी की रकम जमा हुई थी। पुलिस ने संबंधित बैंक खातों, खाताधारकों और लेनदेन की पूरी जानकारी जुटाई। जांच के दौरान बैंक रिकॉर्ड, तकनीकी जानकारी और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। इसके बाद संदिग्ध खाताधारकों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की गई।


172 बैंक खाताधारकों पर दर्ज हुआ मामला जांच में सामने आया कि बंधन बैंक के कुल 172 खाताधारकों के खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया था। पुलिस ने इन खाताधारकों के खिलाफ साइबर अपराध से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठग अक्सर ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें म्यूल अकाउंट कहा जाता है। इन खातों के माध्यम से ठगी की रकम को इधर-उधर भेजा जाता है और इसके बदले खाताधारकों को अवैध धनलाभ दिया जाता है।


पूछताछ के बाद दो आरोपी गिरफ्तार विवेचना के दौरान पुलिस ने उपलब्ध बैंक दस्तावेजों, खातों की जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ और जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन कुमार राय (24 वर्ष), निवासी चन्द्रनगर, उमरपोटी पानी टंकी के पास, थाना उतई, जिला दुर्ग और डोमेन्द्र कुमार सिन्हा (38 वर्ष), निवासी चिंगरी पारा, पांच रास्ता, वार्ड क्रमांक 6, सुपेला, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 679/2026 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3) और 318(4) के तहत कार्रवाई की गई है।


साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में शामिल थे आरोपी पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को हासिल करने के लिए किया। ठगी की राशि खाते में आने के बाद उसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर अवैध लाभ कमाने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों का संपर्क किन साइबर ठगों से था और उनके खातों में कितनी राशि का लेनदेन हुआ है। साथ ही अन्य संदिग्ध खाताधारकों की भूमिका की भी जांच जारी है। पहले भी हो चुकी है 19 आरोपियों की गिरफ्तारी इस मामले में पुलिस पहले ही 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।


अब दो और गिरफ्तारियों के बाद कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 21 हो गई है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए जांच लगातार जारी है। दुर्ग पुलिस ने लोगों से की अपील दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम, यूपीआई या अन्य डिजिटल भुगतान माध्यम किसी अनजान व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर बैंक खाता उपलब्ध कराना या उसमें आई संदिग्ध रकम का लेनदेन करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध बैंकिंग गतिविधि या साइबर अपराध की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

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